जमशेदपुर : इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी ने कहा कि सभी यूनियन एकजुटता के साथ इंटक को और अधिक ताकतवर बनाएं जिससे हम प्रबंधन व सरकार से मजदूरों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ सकें. उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन में एकजुटता की कमी है जिससे हम कहीं न कहीं कमजोर पड़ रहे हैं. इसे वे दूर करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इंटक के पास फंड कमी नहीं है अभी भी 30 करोड़ रुपये का फंड है, जिसका जहां भी सदुपयोग की जरूरत होगी किया जाएगा. इंडियन नेशनल स्टील मेटल, माइंस एंड इंजीनियरिंग इप्लॉयज फेडरेशन की आयोजित दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने जमशेदपुर पहुंचे इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी ने कहा कि ट्रेड यूनियन में एकजुटता लाने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें काफी हद तक हमें कामयाबी मिली है और कुछ जगहों पर नहीं मिली है. जब हम आपस में एजजुट होंगे तभी मजबूत होंगे, इसलिए सभी लोग आपस में लडऩेे के बजाय एकजुटता बनाने की कोशिश करें. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतांतर के करण की वजह से एकजुटता नहीं बन पा रही है. उन्होंने फेडेरशन से जुड़े सभी लोगों से अपील की कि वे आपस में एकजुट रहें और इंटक की ताकत को और अधिक मजबूत करें. उन्होंने कहा आज एक कंपनी में एक से चार यूनियन हैं जिसका फायदा प्रबंधन उठा रही है. सभी ट्रेड यूनियन को चाहिए कि वे एक मंच पर रहें. उन्होंने कहा कि आज ठेका मजदूरोंं की स्थिति दयनीय बनी हुई है. प्रबंधन स्थायी मजदूरों से कम में वेतन देकर उनसे अधिक काम ले रही है जिससे उनका शोषण हो रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
इंटक का प्रयास है कि कंपनियों में ठेका मजदूरों का स्थायीकरण कर उनसे काम कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज जो संगठित मजदूर हैं उन्हें उनका काफी हद तक अधिकार मिल रहा है लेकिन असंगठित मजदूरों का खुल कर शोषण हो रहा है. इंटक उनकी इस दयनीय स्थिति को ठीक करने का हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इस कैंसर को दूर करने के लिए ठेका मजदूरों के अधिकारों के लिए लडऩे की जरूरत है. एक तरह से कहा जाए तो ठेका मजदूरों को लूटने का काम किया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
इंटक इस मामले पर प्रबंधन से मिल कर बात करना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार के पास ठेका मजदूरों को लेकर कोई विचार नहीं है. इंटक कंपनियां में हो या छोटी-छोटी संस्थाएं वहां काम करने वाले मजदूरों को संगठित करने का प्रयास कर रही है. मजदूर नेताओं के पास जो मतभेद उसे दूर करें. उन्होंने फेडरेशन से जुड़े लोगों से अपील की कि इंटक की ओर से इंडियन वर्कर पेपर निकाला जाता है जिसका वे सदस्य बनें व देश व दुनिया में क्या हो रहा है इसे पढ़ कर जानकारी लें. उन्होंने कहा कि इंटक की ताकत मजदूर हैं इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान कराने का काम करें.



