जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता का मामला गर्माता जा रहा है. इस मामले को लेकर टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन दो फाड़ हो गयी है. यह स्थिति तब सामने आयी, जब यूनियन के पदाधिकारियों और कमेटी मेंबरों को मिलाकर एक नया वाट्सएप ग्रुप बना दिया गया. बताया जाता है कि कमेटी मेंबर श्यामसुंदर गोप की ओर से यह वाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसमें महामंत्री सतीश सिंह, उपाध्यक्ष संजीव तिवारी और सहायक सचिव नितेश राज को छोड़कर सारे पदाधिकारी और कई कमेटी मेंबरों को रखा गया है. वहीं, पहले से एक ग्रुप है, जिसमें सारे 11 पदाधिकारी और कुल 203 कमेटी मेंबर भी है. लेकिन इससे इतर एक नया वाट्सएप ग्रुप ऑफिसियल तौर पर बना दिया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
पहले से जो वाट्सएप ग्रुप था, उसका नाम टीडब्यूयू 2024-2027 था. वहीं, मंगलवार को नया वाट्सएप ग्रुप बना दिया गया, जिसको श्यामसुंदर गोप द्वारा बनाया गया, जिसका नाम टाटा वर्कर्स यूनियन 2024-2027 रखा गया है. इसमें तीन पदाधिकारी नहीं है जबकि करीब 50 कमेटी मेंबरों को इस ग्रुप में नहीं जोड़ा गया है. श्याम सुंदर गोप को अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु का करीबी माना जाता है. इसको लेकर अब यह कयास लगाया जा रहा है कि वेज रिवीजन के मसले पर अब दोनों गुट आमने सामने हो गया है और खुलेआम यह विवाद सतह पर आ चुका है. (नीचे भी पढ़ें)
इससे पहले मंगलवार को भी एक विवाद सामने आया था, जब टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों ने वेज रिवीजन में हो रही देरी का विरोध कर रहे थे. इस पर महामंत्री सतीश सिंह ने टिप्पणी कर दी थी कि डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह अध्यक्ष से इजाजत लेकर मीटिंग कराये और संभव हो तो अध्यक्ष को भी ऑनलाइन जोड़ा जाये ताकि कर्मचारियों के वेज रिवीजन पर कोई फैसला हो सके. अध्यक्ष अपने परिवार के इलाज में व्यस्त है, इस कारण नया विकल्प तैयार कर मीटिंग करने को लेकर लिखा गया है. इसके बाद से यह विवाद बढ़ता चला गया है.







