जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. मंगलवार देर रात पुलिस ने परिजनों की अनुपस्थिति में हिमांशु के शव का पोस्टमार्टम कराया. रात करीब 3 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शव को टीएमएच से पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया, जहां पूरी प्रक्रिया पूरी की गई. पुलिस द्वारा कई बार बुलाने के बावजूद परिजन पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे. पोस्टमार्टम के बाद भी शव वहीं रखा गया है, क्योंकि परिजनों ने उसे लेने से इनकार कर दिया है. परिवार और करनी सेना का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी का एनकाउंटर नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस और आसपास के इलाके में कई थानों की पुलिस बल तैनात की गई है. प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है. (नीचे भी पढ़ें)

देर रात जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को हटाए जाने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई. दोनों जिलों के उपायुक्त भी हिमांशु के घर पहुंचे और परिजनों से पोस्टमार्टम कराने की अपील की. प्रशासन ने दो बार नोटिस भी जारी किया, लेकिन परिजन नहीं माने. इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया. हिमांशु के पिता अरविंद सिंह ने स्पष्ट कहा है कि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के एनकाउंटर के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा. इधर, पुलिस ने फरार आरोपी विश्वनाथ मंडल पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. उसका सुराग देने वाले की पहचान गुप्त रखने की बात कही गई है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)

संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जोनल आईजी, कोल्हान डीआईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी जमशेदपुर में कैंप कर रहे हैं. शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. करनी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी का एनकाउंटर नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
गौरतलब है कि शनिवार रात डबल डाउन बार के बाहर हिमांशु सिंह की पुलिस की मौजूदगी में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया. पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे, जिसके बाद पहले बिष्टुपुर थाना के दो एएसआई राजेश कुमार रंजन और रतन कुमार दास तथा आरक्षी मनोज कुमार को निलंबित किया गया. इसके बाद थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को भी सस्पेंड किया गया. अंततः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को भी निलंबित कर दिया.






