जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में मंगलवार देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. सीनियर एसएसपी पीयूष पांडेय के समक्ष परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. देर रात एसएसपी हिमांशु के आवास पहुंचे और परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे. परिजनों और समर्थकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक हिमांशु के हत्यारों का एनकाउंटर नहीं होगा, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा. एसएसपी ने उन्हें अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी और हिमांशु के पिता तथा पत्नी से भी बातचीत की, लेकिन परिजन नहीं माने. लोगों का आरोप था कि पुलिस पोस्टमार्टम कराने का दबाव बना रही है और यदि पोस्टमार्टम हो गया तो मामले को दबाने की कोशिश की जाएगी. इसलिए उन्होंने एनकाउंटर से पहले पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा मंगलवार शाम हिमांशु के घर पहुंचे, परिजनों को सांत्वना दी और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसी कानून-व्यवस्था नहीं देखी. उन्होंने घटना को बेहद नृशंस बताते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में युवक की हत्या होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है. सांसद विद्युत वरण महतो ने भी हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जमशेदपुर में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है. उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वाहन जांच के साथ-साथ कानून-व्यवस्था पर भी समान ध्यान दिया जाता तो स्थिति बेहतर होती. विधायक सरयू राय ने कहा कि इस मामले में घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह रही. उनका कहना था कि यदि पुलिस सतर्क रहती तो इस घटना को रोका जा सकता था.उन्होंने बताया कि बुधवार को बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों के साथ बैठक कर शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों को किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि पूरे समाज को मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना होगा. इधर भाजपा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने हिमांशु हत्याकांड में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की. उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि जमशेदपुर में कानून का राज पूरी तरह खत्म हो चुका है और अपराधियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी में भी हत्या जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं. प्रेस वार्ता में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू भी मौजूद रहीं. भानु प्रताप शाही ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में जमशेदपुर अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है.






