जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर हुई हालिया हिंसक वारदात के बाद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. संभावित विरोध-प्रदर्शन, सड़क जाम और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए धालभूम के अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत शहर के कई थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है. प्रशासन के अनुसार, खुफिया तंत्र और अन्य स्रोतों से सूचना मिली थी कि डीडी बार विवाद को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, जुलूस और जनसभा आयोजित की जा सकती है. इसे देखते हुए साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, एमजीएम और मानगो थाना क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से अगले आदेश तक धारा 163 प्रभावी रहेगी. (नीचे भी पढ़ें)

इन गतिविधियों पर रहेगी रोक, प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में: किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव, जनसभा और पुतला दहन प्रतिबंधित रहेगा. बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक रहेगी. लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला या अन्य अस्त्र-शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थानों पर निकलने की अनुमति नहीं होगी. प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)
इन लोगों को मिलेगी छूट : निषेधाज्ञा के दायरे से ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्साकर्मी तथा मीडियाकर्मी को छूट दी गई है. प्रशासन ने बताया कि स्थिति की संवेदनशीलता और तत्काल आवश्यकता को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है. जिला प्रशासन ने शहरवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने, कानून का पालन करने और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है.





