पोटका : पोटका प्रखंड क्षेत्र में मलेरिया का जानलेवा प्रकोप थमने का नाम ही नही ले रहा है. संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीम बना कर बुधवार को प्रखंड के मलेरिया प्रभावित गांवों में कुल 1175 ग्रामीणों की जांच की गई, जिनमे से कूल 124 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए. विदित हो कि पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों में छह दिन के अंदर इस महामारी से चार बच्चियों की मौत हो चुकी है और अबतक लगभग 264 इस बीमारी से पीड़ित है जिनमे से कुछ लोग स्वस्थ हो चुके है जबकि कई लोगो का इलाज सीएचसी पोटका, सदर अस्पताल खासमहल एवं एमजीएम जमशेदपुर में भी चल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

मलेरिया के चेन को तोड़ने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरे पोटका में सतर्कता के साथ कार्य कर रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा एमजीएम अस्पताल के 17 प्रशिक्षु चिकित्सको की टीम को पोटका के विभिन्न गांवों में टीम बनाकर भेजा गया है जो ग्रामीणों की जांच एवं मरीजो के बीच दवा वितरण समेत जरूरी सलाह दी जा रही है. वर्तमान में पोटका सीएचसी में नौ ब्रेन मलेरिया से पीड़ित का इलाज चल रहा है. बुधवार को चार नए मरीज अस्पताल में भर्ती हुए जबकि स्वस्थ हो जाने पर पांच लोगों को डिसचार्ज कर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
सोहदा गांव का दो वर्षीय बालक पंचू टुडू, उदाल के सुकरमनी सरदार, सोहदा के कार्तिक सिंह एवं एक अन्य मरीज को बुधवार को इलाज के लिए सीएचसी पोटका लाया गया है अन्य मरीजो को घर मे ही दवा देकर आइसोलेशन में रखा गया है. जिला मलेरिया पदाधिकारी मृत्युंजय धावड़िया पोटका सीएचसी में केम्प कर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांवों में नुक्कड नाटक के माध्यम से भी ग्रामीणों को बीमारी से बचने की जानकारी दी जा रही है.







