
जमशेदपुर : टाटा स्टील में कोरोना को लेकर कर्मचारियों के क्वारंटीन के नियमों में बदलाव किया गया है. झारखंड सरकार द्वारा अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले लोगों के 14 दिनों के क्वारंटीन की जो बाध्यता थी, उसको 22 अक्तूबर को समाप्त कर दी गयी है. इसको देखते हुए यह बदलाव टाटा स्टील की ओर से भी किया गया है. इसके तहत नया बदलाव करते हुए टाटा स्टील के वैसे कर्मचारी या उनके परिजनों को 14 दिनों तक क्वारंटीन रहने की बाध्यता को ही समाप्त कर दी गयी है. अब नया प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया है. नये नियम के तहत अगर कोई कर्मचारी या उनका परिवार झारखंड के बाहर से यात्रा करके आता है तो उनको आरटीपीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट (रैट) के तहत टेस्टिंग कराना होगा. राज्य में इंट्री करने वाले व्यक्ति का अगर 48 घंटे के भीतर कहीं भी टेस्टिंग हुई होगी और उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आयी होगी तो उसको फिर से किसी भी कर्मचारी या उनके परिवार को यहां पर टेस्टिंग कराने की जरूरत नहीं होगी. कर्मचारियों को जो ट्रैवल डिक्लरेशन देना होगा, उसमें इसका उल्लेख कर देना होगा, जिसमें इसकी रिपोर्ट को भी समर्पित करनी होगी. जैसे ही कर्मचारी या परिवार का आरटीपीसीआर या रैट का टेस्ट नेगेटिव आता है तो सीधे वे लोग ड्यूटी में योगदान दे सकते है. अगर कोई कर्मचारी या उनका परिवार पोजिटिव आ जाता है तो उनको स्पेशल लीव मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए दिया जायेगा और उनको लगातार क्वारंटीन में रहकर अपना टेस्टिंग के नियमों के तहत टेस्ट कराते रहना होगा. अगर कोई कर्मचारी कोविड-19 के मरीज है और ए-सिम्प्टोमैटिक है और राज्य में इंटर करने के बाद वह नेगेटिव हो जाता है तो उनको 14 दिन तक अपने खुद की मोनिटरिंग करनी चाहिए. अगर कोविड-19 के लक्षण पाये जाते है तो वैसे कर्मचारी को तत्काल टीएमएच या टाटा स्टील की अधीकृत अस्पताल में जाना होगा. टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी के हस्ताक्षर से यह सर्कुलर जारी किया गया है. जारी सर्कुलर के तहत पूर्व में क्वारंटीन को लेकर दिये गये आदेश को रद्द करते हुए कहा गया है कि किसी भी यात्रा को लेकर आइएल-1 की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है. किसी को 14 दिन तक क्वारंटीन में रहने की जरूरत नहीं होगी, अगर किसी भी गैदरिंग में लोग शामिल हुए थे तो, उक्त आदेश को भी रद्द कर दिया गया है. अनाधीकृत मास गैदरिंग पर रोक बरकरार रहेगी. सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक 200 से अधिक भीड़ कहीं नहीं जुटनी है और किसी भी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में हॉल की क्षमता का 50 फीसदी ही लोग रहेंगे, इस नियम का अनुपालन करना होगा. वैसे कर्मचारी या उनका परिवार 14 दिनों तक के क्वारंटीन का समय काट रहे है, वैसे कर्मचारी सीधे ड्यूटी में योगदान दे सकते है. पोजिटिव होने के बाद किसी तरह के नियमों में बदलाव नहीं है और कांटैक्ट ट्रेसिंग का काम पूर्व की तरह ही जारी रहेगी.




