जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में शुक्रवार को स्व भिखारी ठाकुर को पुण्यतिथि पर श्रद्धा पूर्वक याद किया गया. सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद् की ओर से अध्यक्ष अरविंद विद्रोही की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्व भिखारी ठाकुर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया. इस अवसर पर प्रदीप सिंह भोजपुरिया ने कहा कि स्व भिखारी ठाकुर मां सरस्वती के वरद पुत्र थे, जो स्कूल बहुत कम समय तक गए, लेकिन साक्षात मां सरस्वती को उनके कंठ में आकर बसना पड़ा. उन्होंने अपने नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया. इस दौरान उन्होंने बिदेसिया, गबरघिचोर, श्री गंगास्नान, बेटी बियोग, भाई बिरोध, बिधवा बिलाप, कलियुग प्रेम, ननद भौजाई, नकल भाड़ आ नेटुआ आदि अनेक नाटक लिखे. उन्हें भोजपुरी नाटक का शेक्सपीयर भी कहा जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
सचिव उदय प्रताप हयात ने भिखारी ठाकुर की कृतियों को याद किया. यमुना तिवारी हर्षित ने भिखारी ठाकुर के जीवनी पर प्रकाश डाला. उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करनेवालों में सम्पूर्ण भोजपुरी विकास मंच के महामंत्री प्रदीप सिंह भोजपुरिया, उदय प्रताप हयात, यमुना तिवारी हर्षित, मिथिलेश तिवारी, अतुल प्रसाद इत्यादि भोजपुरी भाषी उपस्थित रहे.







