जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम पशुपालन विभाग की ओर से मंगलवार को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान (फेज 6) की शुरुआत की गई. उपायुक्त राजीव रंजन के साथ उप विकास आयुक्त नागेश्वर पासवान, एडीसी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ समरजीत मंडल ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर मोबाइल वेटरनरी यूनिट को रवाना करते हुए अभियान की विधिवत शुरुआत कराई. (नीचे भी पढ़ें)

बताते चलें कि केंद्रीय नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनएडीसीपी) के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी एवं सुअर जैसे पशुओं का खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोगों से बचाने के लिए वर्ष में दो बार निःशुल्क टीकाकरण किया जाता है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 तक रोग को नियंत्रित कर वर्ष 2030 तक इसका पूर्णतः उन्मूलन करना है. वर्तमान फेस–6 अभियान 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 29 अगस्त 2026 तक, कुल 60 दिनों तक संचालित किया जाएगा. इस अभियान के अंतर्गत पशु स्वास्थ्य कर्मी एवं टीकाकर्मी घर-घर जाकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
इस अभियान के तहत पशुपालकों के सभी पात्र पशुओं को निःशुल्क टीका लगानया जाएगा, लेकिन उससे पूर्व पशुओं के कान में 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या युक्त पीला प्लास्टिक टैग लगाया जाएगा. इसके साथ ही “भारत पशुधन पोर्टल” पर उन्हें दर्ज किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर पशुओं की निगरानी सुनिश्चित हो सके. टीकाकरण के उपरांत पशुपालकों को स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किया जाएगा, जिसमें सभी टीकों का विवरण अंकित रहेगा. टीकाकरण से पूर्व पशुओं को कृमिनाशक दवा देने की भी सलाह दी जाएगी, जिससे टीके की प्रभावशीलता बढ़ती है. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो पशुओं के दूध उत्पादन, वृद्धि एवं कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. समय पर टीकाकरण इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. जिले में टीकाकरण कार्य यद्यपि 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो चुका है, किन्तु आज से मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से सभी प्रखंडों में सघन प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस योजना का लाभ उठा सकें. इस अवसर पर जिले के पशु चिकित्सा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम के सभी सदस्य, पशु चिकित्सक, पैरावेट्स एवं टीकाकर्मी उपस्थित रहे. जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करें तथा अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं, साथ ही, अपने आस-पड़ोस के अन्य पशुपालकों को भी इस अभियान के प्रति जागरूक करें.















