जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन गंभीर मरीज अब भी सामने आ रहे हैं. बुधवार को ब्रेन मलेरिया से पीड़ित छह वर्षीय संजू सिंह को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल से टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर किया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार, गालूडीह के डुमकाकोचा निवासी निर्मल सिंह के छह वर्षीय पुत्र संजू सिंह को तेज बुखार होने पर जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई थी. प्रारंभिक इलाज के लिए उसे पांच दिन पहले घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर सोमवार को उसे एमजीएम अस्पताल के पीआइसीयू वार्ड में रेफर किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
एमजीएम में इलाज के दौरान बच्चे को लगातार झटके आने लगे और उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी. चिकित्सकों ने तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत बताई, लेकिन पीआइसीयू का एकमात्र वेंटिलेटर पहले से उपयोग में होने के कारण उपलब्ध नहीं था. ऐसे में डॉक्टरों और परिजनों ने करीब 20 घंटे तक अंबू बैग के जरिए लगातार ऑक्सीजन देकर उसकी सांसें बनाए रखीं. बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए एमजीएम के चिकित्सकों ने सिविल सर्जन को सूचना दी. इसके बाद सिविल सर्जन ने पहल करते हुए टीएमएच प्रबंधन से संपर्क किया और बच्चे के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था कराई. (नीचे भी पढ़ें)
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे संजू को टीएमएच भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है. वहीं, गांव के सूत्रों का दावा है कि बच्चे को ब्रेन मलेरिया था और उसे तीन दिन की दवा लिखी गई थी, लेकिन किसी कारणवश केवल एक दिन की दवा ही दी गई, जिसके बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई. हालांकि, इस दावे की स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.







