जमशेदपुर : जमशेदपुर के सोनारी इस्ट ले आउट में पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा की स्थापना की गयी. इसकी स्थापना झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से की गयी. इस मौके पर झामुमो नेता पवन सिंह, बबन राय समेत तमाम नेताओं द्वारा आदिवासी रीति रिवाज के साथ पाहन की मौजूदगी में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा को स्थापित किया. यह पहला आदमकद प्रतिमा जमशेदपुर में लगाया गया है. इस दौरान पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदिवासी परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना एवं प्रार्थना कर दिशोम गुरु का आह्वान किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम में झामुमो नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रतिमा अनावरण के बाद उपस्थित लोगों ने पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस दौरान पूरे परिसर में “दिशोम गुरु अमर रहें”, “जोहार दिशोम गुरु” और “झारखंड के जननायक अमर रहें” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी धार्मिक परंपरा के अनुरूप सामूहिक प्रार्थना और पूजा से हुई। समाज के पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए दिशोम गुरु को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया. वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा देने के साथ आदिवासी, मूलवासी, दलित और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया. उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी.







