जमशेदपुर : भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में पुरानी गाड़ी में रांची का नया नंबर प्लेट लगाकर फर्जीवाड़ा करने का एक मामला सामने आया है. इस मामले को लेकर तस्वीरों और वीडिय के साथ बीएनएनएल के महाप्रबंधक (जीएम) को एक पत्र दिया गया है. यह पत्र कांग्रेस नता और राजपूत समाज संपूर्ण भारत के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजितेश उज्जैन की ओर से लिखा गया है. इस पत्र में कहा या है कि व्यावसायिक गाड़ियों का टेंडर में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता बरती गयी है. उन्होंने बताया है कि ठेकेदार एएस सोल्यूशन द्वारा पुरानी गाड़ी में रांची का नंबर प्लेट जेएच 10सीजी-5242 लगाकर चलना और बीएसएनएल के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से बिल भुगतान करवाना जबकि यह गाड़ी नंबर मालिक अनुसार केवल मात्र एक महीने दिसम्बर 2025 में ही चला, जो कि गंभीर जघन्य अपराध है. (नीचे भी पढ़ें)

यह बताया गया है कि गाड़ियां के मीटर में छेड़छाड़ कर किलोमीटर बढ़ाना है. वास्तविक में जो गाड़ियां चल रहीं उसका कहीं नामों निशान नहीं है. वह 2012 मॉडल से भी पुराना है क्योंकि वह टेंडर अनुसार 2021 से पुराना एवं माप दंड में नहीं है एवं काल्पनिक मीटर रीडिंग देकर कुछ अधिकारियों के मिली भगत कर बिल पास करना है. इसके अलावा कुछ चालक 60 वर्ष के ऊपर के है, उनसे फर्जी तरीके से गाड़ियों को चलवाने का मामला है. इपीएफ एवं इएसआइसी अपने परिवार के नाम पर जमा करवाना जो वास्तविक में बीएसएनएल गाड़ी चालक है ही नहीं केवल कागज़ी में है, जिसकी आधिकारिक सूचना बीएसएनएल अधिकारियों को भी है परंतु मिली भगत कर बिल पास कर दिया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

यह बताया गया है कि चालकों को सही मापदंड से मासिक भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसकी औपचारिक सूचना बीएसएनएल अधिकारियों को है परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसके अलावा वास्तविक में गाड़ी लगभग 1200 किलोमीटर मासिक चलती है जिसे भ्रष्टाचार के तहत 2000 से ऊपर का मीटर रीडिंग कुछ अधिकारियों से मिलकर बना दिया जा रहा है ताकि बिल पास हो सके. इस मामले की गंभीरता से जांच कराने और आपराधिक मानसिकता छवि के ठेकेदार पर उचित से उचित कार्रवाई करते हुए बिल का भुगतान अविलंब रोकने एवं यथाशीघ्र कार्रवाई करते हुए ब्लैक लिस्ट करने की मांग की गयी है.




