जमशेदपुर : जमशेदपुर में बाढ़ एक बार फिर से आ गया है. हालात यह है कि जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित खरकई नदी के पुल पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 129 मीटर से करीब 6.45 मीटर ऊपर बह रहा है. खरकई नदी का जलस्तर 135.45 मीटर पहुंच गया है. वहीं, स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी खतरे के निसान से 2.32 मीटर ऊपर बह रहा है. मानगो पुल पर स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर अभी 123.82 मीटर है जबकि इसका खतरा का लेवल 121.50 मीटर है. इसके बाद जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है. एनडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है. इसके तहत मानगो नगर निगम के 19 संवेदनशील बस्तियां चिह्नित किये गये है. (नीचे भी पढ़ें)
मानगो नगर निगम क्षेत्र में चाणक्यपुरी, दाइगुट्टू धोबी लाइन, कुंवर बस्ती, वारिस कॉलोनी, टी खान मैदान, नित्यानन्द कॉलोनी, देशबंधु लाइन, कालिकानगर, हयात नगर, चन्द्रप्रभा नगर, डिमना रेसिडेंसी, कृष्णा नगर, शांति नगर, लक्ष्मण नगर, वास्तु विहार का निचला हिस्सा, गौड़ बस्ती, राम नगर, श्याम नगर, खड़िया बस्ती और मून सिटी के निचले हिस्से (राजीव पथ) को अत्यधिक प्रभावित व संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है. इसी तरह जेएनएसी क्षेत्र के 9 प्रमुख क्षेत्र को संवेदनशील चिन्हित किया गया है. पार्वती घाट (सुन्दरी व कोडिया बस्ती), शास्त्रीनगर ब्लॉक 1 से 3, शास्त्रीनगर ब्लॉक 4-5, प्रतिमानगर भाटिया बस्ती व रामजनमनगर, बागे बस्ती, ग्रीन पार्क, श्यामनगर, सोनारी के रूपनगर, जाहिरा कॉलोनी, सोनारी के लिए भारत सेवाश्रम संघ, बाबूडीह व बागुनहातु, निर्मलनगर व भुइयांडीह खतरनाक एरिया है. वहीं, जुगसलाई नगर परिषद के इलाके गरीब नवाज कॉलोनी, मिल्लत नगर, इस्लाम नगर का निचला क्षेत्र, शिवघाट रोड का निचला क्षेत्र और एमई स्कूल रोड का निचला क्षेत्र को चिह्नित किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
बागबेड़ा क्षेत्र में खरकई नदी का पानी घुसने की आशंका को देखते हुए नया बस्ती, बाबा कुटी, बड़ौदा घाट, गणेश नगर और शिव नगर को संवेदनशील चिह्नित किया गया है. जिला प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें, सुरक्षित स्थान पर पहुंचें. सभी निकायों और प्रखंड प्रशासन ने तटीय एवं निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे जलस्तर पर नजर रखें. प्रशासन द्वारा चलाई जा रही माइकिंग व सूचनाओं का पालन करें. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल निकटतम कंट्रोल रूम या प्रतिनियुक्त अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर राहत शिविरों का लाभ उठाएं. दूसरी ओर, बिष्टुपुर स्थित होटल अलकोर और रामादा के सामने वाली सड़क पर नाले का पानी बहने लगा है. इसके बाद से उस एरिया से गाड़ियों की आवाजाही को रोक दिया गया है.




