जमशेदपुर : टाटा स्टील गम्हरिया (अधिग्रहित उषा मार्टिन) में ग्रेड रेशनलाइजेशन का एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत पहले से मौजूद 51 ग्रेड को रेशनलाइज करके छह ग्रेड में लाया गया है. 51 ग्रेड को छह ग्रेड में लाना अपने आप में एक बहुत बड़ी और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि है. इस रेशनलाइजेशन के साथ-साथ 545 कर्मचारियों के लिए प्रमोशन का लाभ सुनिश्चित किया गया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 545 में से सभी 545 कर्मचारियों अर्थात 100 प्रतिशत कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिला है. टाटा स्टील द्वारा उषा मार्टिन का टेकओवर किये जाने के लगभग नौ वर्षों तक किसी भी कर्मचारी को प्रमोशन नहीं मिला था क्योंकि प्रमोशन के लिए कोई स्पष्ट पॉलिसी और निर्धारित स्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं था. इससे पहले, उषा मार्टिन के समय में भी प्रमोशन की कोई स्पष्ट एवं पारदर्शी पॉलिसी नहीं थी. (नीचे भी पढ़ें)
उस समय निर्धारित प्रणाली के अभाव में कभी कभी व्यक्तिगत पसंद, खुशामद या चापलूसी के आधार पर दो से चार कर्मचारियों को ही प्रमोशन मिल पाता था. अब इस ऐतिहासिक समझौते के माध्यम से एक स्पष्ट, पारदर्शी और समान अवसर वाली प्रमोशन व्यवस्था स्थापित की गई है. साथ ही, कर्मचारियों के भविष्य के लिए एक स्पष्ट, व्यवस्थित एवं पारदर्शी प्रमोशन पॉलिसी बनाई गई है. निर्धारित ग्रेड व ग्रुप के अनुसार कर्मचारियों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा. प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल पर प्रमोशन का अवसर उपलब्ध होगा, जिससे कर्मचारियों को अपने कैरियर में आगे बढ़ने का एक निश्चित मार्ग मिलेगा. (नीचे भी पढ़ें)
जहां तकनीकी पदों पर जाने के लिए आइटीआइ योग्यता अथवा निर्धारित टेस्ट की आवश्यकता होगी, वहां कर्मचारियों को अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. इससे कर्मचारियों में समान अवसर, पारदर्शिता और भविष्य की प्रगति की भावना मजबूत होगी. यह समझौता केवल वर्तमान लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी कर्मचारियों के कैरियर ग्रोथ और प्रमोशन का रास्ता सुनिश्चित करता है. इस ऐतिहासिक समझौते से कर्मचारियों में काफी खुशी और उत्साह है. लंबे समय से चली आ रही ग्रेड और प्रमोशन से संबंधित समस्याओं का समाधान हुआ है. 51 ग्रेड को छह ग्रेड में लाना आसान काम नहीं था, लेकिन यूनियन ने कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए प्रबंधन के साथ सार्थक संवाद और संयुक्त प्रयास के माध्यम से ऐसा रास्ता निकाला, जिससे सभी कर्मचारियों को लाभ मिल सके. (नीचे भी पढ़ें)
यह समझौता औद्योगिक संबंधों में विश्वास, संयुक्त परामर्श और कर्मचारी हितों के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है. यह न केवल वर्तमान कर्मचारियों के लिए एक उपलब्धि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के कर्मचारियों के लिए भी एक बेहतर, पारदर्शी और समान अवसर वाली प्रमोशन व्यवस्था की मजबूत नींव है. इस समझौता पर टाटा स्टील के सीएचआरओ इंडिया जुबिन पालिया, चीफ एचआरबीपी यशवंत कुमार पांडेय, एचआरबीपी रोहन कुमार जबकि टाटा कामगार यूनियन के अध्यक्ष बीके डिंडा ने हस्ताक्षर किये.




