जमशेदपुर : जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का चतुर्थ दीक्षांत समारोह मंगलवार को एक्सएलआरआइ के टाटा ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. समारोह में मुख्य अतिथि, महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने विश्वविद्यालय की कुल 1990 छात्राओं में उपाधियां वितरित की. इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलाधिपति श्री गंगवार ने छात्राओं को सफलता के साथ ही नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को भी बनाये रखने का संदेश दिया. (नीचे भी पढ़ें)

राज्यपाल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह का यह दिन केवल छात्राओं के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और शिक्षकों के लिए भी अत्यंत गौरव का क्षण है. उन्होंने कहा कि दीक्षांत का अर्थ केवल पढ़ाई पूरी होना ही नहीं, बल्कि जीवन की एक नई यात्रा का आरंभ भी है. उन्होंने कहा, “डिग्री आपको अवसर दे सकती है, लेकिन आपकी प्रतिभा, चरित्र और व्यवहार ही समाज में आपकी वास्तविक पहचान बनाएंगे.” छात्राओं से उन्होंने शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, चिकित्सा, उद्योग, खेल और सामाजिक सेवा सहित जिस भी क्षेत्र में जाएं, अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग करने की अपील की. राज्यपाल ने कहा कि जीवन का हर रास्ता आसान नहीं होता और हर प्रयास में सफलता मिले यह भी जरूरी नहीं. असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ते रहना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)

शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि सही और गलत के बीच अंतर समझने का विवेक विकसित करना भी है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को ज्ञान, कौशल, शोध, नवाचार और रचनात्मकता से जोड़ा जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

माननीय राज्यपाल ने कहा कि जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है. विश्वविद्यालय को ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित करना चाहिए, जहां छात्राओं में जिज्ञासा, अनुसंधान, नवाचार एवं नेतृत्व की भावना विकसित हो. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि झारखण्ड की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. उचित अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं. उन्होंने छात्राओं से अपनी उपलब्धियों को समाज एवं राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने का आह्वान किया और कहा कि उनकी सफलता से अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलनी चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि देश ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और शिक्षित व आत्मनिर्भर बेटियां इस संकल्प को मजबूत आधार देंगी. राज्यपाल ने छात्राओं का अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखने, बल्कि समाज और देश के उत्थान में योगदान करने के लिए आह्वान किया. कार्यक्रम में सीएसआइआर-एनएम के निदेशक डॉ संदीप घोष चौधरी, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो इला कुमार, कुलसचिव डॉ सलोनी कुजूर समेत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे.





