जादूगोड़ा : यूसिल की वर्ष 2003 में निर्मित बागजाता यूरेनियम प्रोजेक्ट को जोड़ने वाली पुलिया में दरार आ जाने के कारण यह आवागमन के लिए खतरनाक हो गई है. इसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता हरि पद भक्त की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुसाबनी प्रखंड विकास पदाधिकारी व सांसद विद्युत महतो को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कहा गया है कि मुसाबनी प्रखंड क्षेत्र के लाटिया-डुंगरीडीह गांवों को जोड़ने वाली बागजाता यूरेनियम प्रोजेक्ट की पुलिया में दरार आ गई है एवं इसकी रेलिंग में टूट गई है, जिससे यह आवागमन के लिए खरनाक हो गई है. अगली बरसात में यह पुलिया पानी की तेज धार में कभी भी बह सकती है. इसके मद्देनजर इस खतरनाक पुलिया को बदलने के लिए बाग़जाता यूरेनियम माइंस से सटे शंख नदी पर बाकड़ा एवं फुलझड़ी के बीच स्थित जर्जर पुलिया का निर्माण कराए जाने की मांग की गई है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि इसके पूर्व घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन को भी पुलिया निर्माण को लेकर ज्ञापन सौपा गया है लेकिन नतीजा सिफर निकला. यहां बताते चलें कि वर्ष 2003 में यूसिल प्रबंधन ने यूरेनियम अयस्क की जादूगोड़ा से ढुलाई को लेकर ग्रामीणों के सुझाव के बाद भी छोटी पुलिया का निर्माण कर अपनी जिम्मेदारियों को इतिश्री मान लिया था. विगत 20 वर्षों से यह पुलिया डूब जाती है व 72 घंटे तक क्षेत्र के आधा दर्जन गांव टापू बने रहते हैं. अस्पताल से लेकर स्कूल तक जाने का रास्ता ठप हो जाता है. ज्ञापन सौंपने गए प्रतिनिधिमंडल में पूर्व पंचायत समिति सदस्य हरिपद भकत, मुखिया पर्वत हांसदा, भगीरथ कैवर्त, मथुरा कैवर्त, सुखराम मुर्मू, फुदन मुर्मू, पराव मुर्मू आदि सहित अनेक ग्रामवासी शामिल रहे.




