जादूगोड़ा : यूसिल के 60 साल के सफर के मौके पर रविवार को भाभा आडिटोरियम में आयोजित डायमंड जुबिली कार्यक्रम में यूसिल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ कंचम आनंद राव ने यूरेनियम माइंस के विस्तारीकरण व निवेश पर खुल कर बोले. उन्होंने कहा कि यूसिल झारखंड व झारखंड के बाहर सुरक्षित खनन कर रही है. आनेवाले वर्षों में राजस्थान, आंध्र प्रदेश स्थित कड़प्पा जिला अंतर्गत कन्नमपल्ली व जादूगोड़ा के बगुलासाईं में नई माइंस खोली जाएगी, जिनके लिए पांच से छह वर्ष की समय सीमा तय की गई है. इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने झारखंड से बाहर तुम्मापल्ली यूरेनियम प्रोजेक्ट के टेलिंग पौंड भर जाने से यूरेनियम उत्पादन में प्रतिदिन 25 मैट्रिक टन से उत्पादन घट कर 10 टन पहुंचने के सवाल पर कहा कि टेलिंग पौंड की ऊंचाई बढ़ाई जा रही है ताकि उत्पादन में कोई बाधा न पहुंचे. इससे पूर्व समारोह के मुख्य अतिथि सह भारत सरकार के वित्त आयोग की सदस्य सीमा जैन,परमाणु ऊर्जा विभाग की एडिशनल सेक्रेटरी निधि पांडे, जॉइंट सेक्रेटरी अंजलि सिन्हा (डीएई) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुडी 14 मॉडल मसलन वर्टिकल शाफ़्ट जिसे तैयार किया था. (नीचे भी पढ़ें)

अमरेश प्रभु ( मैकेनिकल), धीरज प्रसाद ने खूब वाहवाही लूटी. इसी तरह बार्क (जादूगोड़ा), कलपक्कम (तमिल नाडु), गांधीनगर (गुजरात), इंदौर के मॉडल भी लोगों को आकर्षित कर रहे थे. कार्यक्रम का संचालन प्रिंस ग्रोवर (एनपीसीआइएल) व जितेश कुमार ने किया. इस मौके ओर परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रेस प्रवक्ता रितेश चौरसिया, डॉ कोकल कपूर, धीरज पंडा, संदीप राज, सुनील गंजू, पी कृष्णा कुमार, अमित घोष समेत यूसिल के तकनीकी निदेशक सलिल कुमार नाग, वित्त निदेशक विक्रम केसरी दास समेत यूसिल के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे.




