रामगोपाल जेना/चाईबासा : दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले को लेकर पश्चिम सिंहभूम भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू के प्रोफेसर डॉ अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई, गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष दुर्गावती बोयपाइ ने किया. धरना-प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने स्थानीय कैफेटेरिया से मार्च शुरू किया. रैली पोस्ट ऑफिस चौक और सदर बाजार होते हुए कांग्रेस भवन पहुंची. वहां पुलिस प्रशासन की कड़ी व्यवस्था के कारण प्रदर्शनकारियों को गेट तक जाने से रोक दिया गया. इससे नाराज महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं को न्याय दिलाने तथा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने कहा कि भाजपा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संकल्प लेकर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए काम करती है. वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देती हैं, लेकिन अपनी पार्टी के सांसद से जुड़े गंभीर आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी उसके महिला हितैषी होने के दावे पर सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार रुख नहीं अपनाया जाना चाहिए. कांग्रेस को मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)

भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचु ने कहा कि छात्राओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित होना चाहिए. महिला मोर्चा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के सवाल पर आवाज बुलंद करता रहेगा. दुर्गावती बोयपाइ ने कहा कि बेटियों को न्याय दिलाने के लिए महिला मोर्चा का संघर्ष जारी रहेगा. मालती गिलुआ ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम को चक्रधरपुर के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक एवं डॉ विजय गागराई ने भी संबोधित किया. आज की इस रैली एवं धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से रूपा सिंह दास, सीमा कुमारी, सुखमति बिरुआ, रानी बंदिया, संगीता देवी, सुशीला नायक, रानी तिरिया, सुशीला पुर्ती, विजेता गोप, सुनीता कुंकल, सविता कुंकल, सृष्टि दास, सुष्मिता घोष, सुलेखा तांती, सुखमति पाल, पिंकी चांपिया, संतोषी देवी, काजल दास और सुखमति बानरा सहित प्रमुख महिला नेत्री शामिल रहीं. इस अवसर पर सतीश पुरी, चंदन झा, पवन शर्मा, प्रताप कटियार महतो, चंद्रमोहन तिऊ, राकेश पोद्दार, हर्ष रवानी, रविशंकर विश्वकर्मा, मुकेश सिंह एवं अनंत सयानम सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान किया.





