रामगोपाल जेना/चाईबासा : जापान के नागोया में आयोजित 5वें एशियन पारा गेम्स 2026 में चाईबासा में प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभाशाली तीरंदाज विजय सुंडी ने स्वर्ण पदक जीतकर झारखंड का नाम रौशन किया है. विजय ने फाइनल मुकाबले में चीन के तीरंदाजों को पराजित कर यह उपलब्धि हासिल की. इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. विजय सुंडी की इस उपलब्धि से चाईबासा सहित पूरे झारखंड के खेल जगत में खुशी का माहौल है. वह इससे पहले विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और पांच बार राष्ट्रीय चैंपियन भी रह चुके हैं. एशियन पारा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनकी खेल यात्रा की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है. (नीचे भी पढ़ें)

विजय सुंडी वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षक महर्षि महेंद्र सिंकू के मार्गदर्शन में चाईबासा के सिकुरसाई स्थित तुरतुंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में नियमित अभ्यास कर रहे हैं. निरंतर मेहनत, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. चाईबासा में रहकर तीरंदाजी का प्रशिक्षण लेने वाले विजय ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से साबित किया है कि उचित मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं. उनकी सफलता क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है. विजय सुंडी मूल रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के बड़डीह गांव के निवासी हैं. हालांकि, वह चाईबासा में रहकर तीरंदाजी का प्रशिक्षण लेते हैं और लगातार अपनी खेल प्रतिभा को निखार रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
विजय सुंडी के एशियन पारा गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने पर उद्योगपति सह समाजसेवी मुकुंद रुंगटा, जिला खेल पदाधिकारी मार्कस हेम्ब्रम, जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष सिद्धार्थ पाड़ेया, कोषाध्यक्ष सुमित बलमुचु, संयुक्त सचिव सुभाष जोंको, बीर सिंह पुर्ती, नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, समाजसेवी सीता पाड़ेया, नरेंद्र कुमार पाड़ेया, अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षक माझी सावैयां, राजेंद्र गुईया, गंगाधर नाग, ओलंपियन सह अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित मंगल सिंह चांपिया, हरीश चंद्र केराई और गुना राम पुरती ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.





