जमशेदपुर : छठ महापर्व के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं. किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर और आसपास के 14 प्रमुख छठ घाटों पर मेडिकल टीमों के साथ एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी. इसको लेकर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से शनिवार को विस्तृत आदेश जारी किया गया है. जारी निर्देश के मुताबिक, 15 नवंबर को दोपहर एक बजे से लेकर 16 नवंबर को सुबह अर्घ्य की प्रक्रिया समाप्त होने तक स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, सुबह के अर्घ्य के दौरान विशेष सतर्कता बरतते हुए 16 नवंबर को तड़के तीन बजे से मेडिकल टीमें पूरी तरह सक्रिय रहेंगी. सभी टीमों को आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री और चिकित्सा उपकरणों के साथ निर्धारित घाटों पर मौजूद रहने को कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से साकची और मानगो के स्वर्णरेखा घाट, शांति नगर, सुभाषनगर, रामनगर, बागबेड़ा, जुगसलाई के शिव-पार्वती घाट, सोनारी के कपाली और दोमुहानी घाट, कदमा के सती घाट, बिरसानगर के खरकाई घाट, भुइयांडीह स्वर्णरेखा घाट, सिदगोड़ा सूर्य मंदिर घाट, टेल्को के दीनबंधु शिव मंदिर और महावीर मंदिर छठ घाट तथा डिमना लेक में चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. इन घाटों पर जिला स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम), निजी अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मेडिकल टीमों की तैनाती होगी. जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए कई स्थानों पर 108 एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी. डिमना लेक छठ घाट पर चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी पटमदा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सौंपी गई है. यहां स्मृति सेवा सदन और गंगा मेमोरियल नर्सिंग होम की मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ तैनात रहेगी. सिविल सर्जन कार्यालय ने सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों, निजी अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं को समय पर अपनी टीम के साथ ड्यूटी स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया है. विभाग का उद्देश्य छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को घाटों पर ही तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में बिना देरी के चिकित्सा सहायता मिल सके.












