- “एक बैठक में बोलते हुए समीर महंती ने कहा था कि अब तक मैंने सिर्फ फील्डिंग की थी. आगामी चुनाव में बैटिंग और बॉलिंग करूंगा”.

राजन सिंह
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र की चुनावी चौपड़ पर मतों के बादशाहों को जीतने के लिए भाजपा नेता समीर महंती आखिरी पारी खेलेंगे. इस पारी में वे सिर्फ फील्डिंग ही नहीं बैटिंग भी करेंगे. इसकी घोषणा समीर महंती ने कर दी है और चुनाव की तैयारी में जोरदार तरीके से जुट गए हैं. बहरागोड़ा में कार्यालय खोल और डेरा डाल कर उन्होंने इसका स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे किसी भी परिस्थिति में चुनाव जरूर लड़ेंगे.
इस विधानसभा में समीर महंती एक चर्चित चेहरा है. अपने जुझारूपन के कारण वे अलग रूप में पहचाने जाते हैं. इसी जुझारूपन के कारण उनके राजनीतिक जीवन में 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए. विधायक बनने की चाहत में दल बदल – बदल कर उन्होंने तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ा. परंतु सफलता नहीं मिली। 2004 और 2009 के चुनाव में उन्होंने आजसू उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा. वर्ष 2014 का चुनाव उन्होंने झारखंड विकास पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा. मगर तीसरे स्थान पर रहे. अलबत्ता, 42000 से अधिक मत लाकर सभी को हैरान कर दिया. दो साल पूर्व वे भाजपा में शामिल हुए. पिछले एक साल से अपने अलग अंदाज में समीर महंती चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं. अपने स्तर से बूथ कमेटी का गठन भी कर रहे हैं. विस क्षेत्र के गांवों का तूफानी दौरा कर अपना जनाधार बढ़ा रहे हैं. वैसे, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी भी इस विधानसभा क्षेत्र को चार साल से अपना कर्म क्षेत्र बनाकर उम्मीदवारी के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं. सामूहिक विवाह और प्रतिभा सम्मान समारोह जैसे सामाजिक कार्यों से उनकी लोकप्रियता में भारी इजाफा हुआ है. डॉ गोस्वामी भी एक तरह से बहरागोड़ा में डेरा डाले हुए हैं। ऐसे में अनुत्तरित सवाल खड़ा है कि भाजपा डॉ गोस्वामी को या फिर समीर महंती को अपना उम्मीदवार बनाएगी? अगर भाजपा ने समीर महंती को उम्मीदवार नहीं बनाया तो वे क्या रुख अख्तियार करेंगे? दरअसल, समीर महंती एक ऐसी धूरी बन गए हैं, जिनके चारों ओर इस विधानसभा का चुनावी गणित चक्कर काट रहा है. माना जा रहा है कि समीर महंती आगामी विधानसभा चुनावी कुरुक्षेत्र के एक मुख्य किरदार होंगे.



