
जमशेदपुर : भाजपा की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि झारखंड की हेमंत सरकार को अस्थिर किया जाये. यह बिल्कुल गलत बात है. उनके दामन में खुद ही दाग है. वर्तमान की स्थितियां उनके कार्य प्रणाली व भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए काफी है. यह एक भ्रष्ट और अयोग्य सरकार है. यह बातें हजारीबाग के सांसद सह भारत सरकार में फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन सह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कही. पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को गिराने या अस्थिर करने का कार्य नहीं कर रही है. जयंत सिन्हा ने यह जरूर कहा कि अगर जनता भाजपा को अवसर देती है तो वे लोग सरकार चलाएंगे. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार खुद ही उथल पुथल की स्थिति में है. आइएएस पूजा सिंघल के मामले में उन्होंने कहा कि ढाई साल से यह सरकार चल रही है. उनके अधिकारियों के घर में क्या भाजपा ने करोड़ों रुपये जाकर रख दिये. उन्होंने कहा कि इसका जवाब तो हेमंत सरकार को देना चाहिए कि यह पैसे कैसे उत्पन्न हुए. जयंत सिन्हा एक सवाल के जवाब में कहा कि क्या भाजपा ने माइनिंग का ठेका दिया या भाजपा ने जमीन का लीज पर दिया है ? उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई चल रही है, उसमें क्या निकल कर आता है यह महत्वपूर्ण है. जयंत सिन्हा ने कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार को लेकर केंद्रीय एजेंसियां अपनी ओर से जरूरी कदम उठा रही है और हर पहलुओं की जांच कर रही है.
सांसदों से लेकर आम जनता को जागरूक करेंगे ताकि पर्यावरण के प्रति जागरूक हो सके लोग, पिता की विचारधारा और मेरी विचारधारा अलग-अलग, पिता और बेटे का रिश्ता कोई तोड़ नहीं सकता
जयंत सिन्हा ने संसद में एक बिल लाया था, जिसमें क्लाइमेट चेंज पर चर्चा हुई थी. उन्होंने अफसोस जताया कि सांसदों में भी जागरूकता की कमी है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण और क्लाइमेट चेंज को लेकर सांसदों से लेकर जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को भी जागरूक करने के बाद बदलाव आ सकता है. यह सरकारों के हाथों ज्यादा काम है. उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि हां उनके पिता यशवंत सिन्हा की विचारधारा अलग है, उनकी विचारधारा अलग है. लेकिन पिता और बेटे का रिश्ता अटूट है और कोई इसको तोड़ नहीं सकता है. यहीं तो लोकतंत्र की खूबसूरती है. परिवार में कई ऐसे लोग होते है, जिनकी विचारधारा अलग होती है और परिवार एकजुट होती है. इसमें कहां कोई दिक्कत है.



