
चाईबासा : कोल्हान गवर्नमेंट स्टेट के नाम से समानांतर सरकार चला रहे चार लोगों गिरफ्तारी के बाद उनकी रिहाई के लिए ग्रामीणों ने मुफ्फसिल थाना का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान समर्थक ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. ग्रामीणों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. दोनों तरफ से लाठी-डंडे चले, जिसमें मुफ्फसिल थाना प्रभारी पवन चंद्र पाठक सहित तीन लोग घायल हो गए हैं. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस के द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज की गई, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण किया जा सका. पुलिस ने पूरे बड़ी बाजार क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है. बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है. पुलिस पेट्रोलिंग की जा रही है. वज्र वाहन से पेट्रोलिंग की जा रही है. स्थिति अभी नियंत्रण में है. पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
ग्रामीण रामो बिरुआ के आंदोलन को आगे बढ़ाने का प्रयास करते नजर आए. रामो बिरुआ कोल्हान को भारत का अंग नहीं मानकर एक अलग देश मानते थे. साल 2018 में जेल में मौत के बाद भी ग्रामीण अलग देश की मांग कर रहे थे. दरअसल इससे जुड़े कुछ लोग चाईबासा के लिए अलग पुलिस और टीचर की नियुक्ति कर रहे थे. इसके लिए नियुक्ति पत्र भी निर्गत कर दिया गया. बाकायदा 60 से 70 हजार रुपये वेतन देने की भी बात कही गई. यही नियुक्ति पत्र पुलिस के हाथ लग गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्र निर्गत करने वालों को गिरफ्तार कर थाने ले गई. इससे गुस्साए ग्रामीण मुफ्फसिल थाने पहुंच गए और आरोपियों को छोड़ने को लेकर जमकर हंगामा किया.






