
चाईबासा : जिले के आनंदपुर थानांतर्गत व थाना से से लगभग 12 किमी दूर रुंघीकोचा पंचायत के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र बेड़ाकसाई में धड़ल्ले से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। इसकी सूचना मिलने पर मंगलवार को जिला पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों ने बेड़ाकसाई पहुंच कर अफीम की खेती को नष्ट किया। इसके साथ ही कुछ पोस्तो के फल को जब्त भी किया।
16 डिसमिल जमीन पर की गयी था अफीम की खेती
मंगलवार को आनंदपुर थाना प्रभारी सह, पुलिस इंस्पेक्टर खुर्शीद आलम और सीआरपीएफ कर सहायक कमांडेंट सुरेंद्र कुमार और उपेंद्र कुमार के नेतृत्व में जवानों ने अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर डाला। और फलो को जपत भी कर लिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अफीम की खेती ग़ांव के जितेंद्र बरजो दो स्थानों पर लगभग 16 डिसमिल जमीन पर कर रखी थी।
फसलों से अफीम निकलने का काम हो चुका था शुरू
सुरक्षा कर्मी के जवानो व्दारा अफीम के फसल को नष्ट करने के दौरान अफीम के फलो पर कई जगह चीरा लगने का निशान दिखाई दिया। मिली जानकारी के अनुसार फसलों से अफीम निकालने का काम भी शुरू कर दिया गया था। जिसकी सूचना मिलने पर आनंदपुर पुलिस सीआरपीएफ के साथ मिल कार्रवाई करते हुए खेत में हुए अफीम के फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
प्रखंड में अफीम खेती संबंधी पहली घटना
आनंदपुर प्रखंड में अफीम की खेती का यह पहला मामला है जो प्रकाश में आया है। अफीम की खेती बेड़ाकसाई स्कूल से थोड़ा आगे मुख्य सड़क के किनारे पर ही किया जा रहा था।इससे पहले इसी साल के फरवरी माह में गोइलकेरा थाना क्षेत्र के तातिबेराजुरु गांव में बड़ी संख्या में हुए अफीम की खेती को गोइलकेरा पुलिस ने नष्ट कर दिया है। गांव में हो रही अफीम की खेती संबंधित मिली सूचना के आधार पर थाना प्रभारी गोइलकेरा व उनकी टीम ने वहां पर पहुंचकर अफीम फसल को नष्ट किया था। अज्ञात लोगो द्वारा गांव में लगभग 3 एकड़ पोस्तो की खेती की गयी थी।
गेहूं और रहड़ के बीच की गयी थी अफीम की खेती
बेड़ाकसाई स्कूल से ठीक आगे मुख्य सड़क किनारे ही अफीम की खेती की गयी थी। लोगो को झांसा देने के लिए गेहूं व रहड़ के खेतो के बीच अफीम की खेती की गयी थी। जबकि उससे कुछ अंदर और एक खेत में अफीम की खेती की गई है. दोनों खेत मे लगभग 16 डिसमिल जमीन पर अफीम खेती की गई थी, जिसे नष्ट कर दिया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।












