
चाईबासा : रात 9:00 बजे तक टोन्टो प्रखंड अंतर्गत कुचिया गांव की बच्ची को लगातार तीन दिनों से तेज बुखार सर दर्द एवं ठंडा बुखार होने की शिकायत पर लाया गया था. झीकपानी स्थित अस्पताल में शाम करीब 5:00 बजे एंबुलेंस के माध्यम से लाया गया था जहां डॉक्टर नहीं होने के कारण बच्ची को सिर्फ पेरासिटामोल दवा देकर घर जाने को कहा गया, जबकि बच्ची के परिजन चाहते थे कि उसका बेहतर इलाज अस्पताल में हो. इसीलिए उसको लाया गया था. काफी गरीब परिवार से होने के कारण उनके पास पैसा नहीं रहने से प्राइवेट हॉस्पिटल में नहीं ले जा पाया. जब घर जाने को बोला गया तो उनके पास कोई साधन नहीं रहने के कारण हॉस्पिटल के बाहर ही रात 9:00 बजे तक बच्ची बैठी रही. किसी तरह अपने गांव में खबर भेज कर गांव के लोगों से गाड़ी की व्यवस्था करा रही है. करीब 9:30 बजे घर लौटने पर पर मामले की जानकारी मिली तो पंचायत समिति सदस्य राघुनाथ गोप अस्पताल पहुंचे.
राघुनाथ गोप ने कहा कि करोड़ों का अस्पताल बना, सभी डॉक्टरों को रहने के लिए एवं नर्सों को रहने के लिए क्वार्टर दिया गया है. इलाज के नाम पर यह अस्पताल सिर्फ दिखावा है. कई बार इस समस्या को लेकर उच्च पदाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी अवगत कराया है, मगर अस्पताल की स्थिति जस की तस है. चिकित्सा पदाधिकारी मरीजों को अस्पताल में नहीं रखना चाहते हैं. छोटे-मोटे बुखार में भी लोगों को भी रेफर किया जाता है या तो फिर पेरासिटामोल या रिलीफ देकर छोड़ दिया जाता है. नॉर्मल डिलीवरी वाले गर्भवती महिलाओं को भी चाईबासा सदर अस्पताल रेफर किया जाता है. उन लोगों को कहा जाता है कि ऑपरेशन करना होगा, मगर वही सदर अस्पताल पहुंचकर नॉर्मल डिलीवरी हो जाती है. शाम होने के बाद सभी स्वास्थ्य कर्मी अपने क्वार्टर में रहते हैं. रात में आने वाले मरीजों को काफी दिक्कत होती है. कर्मी चार्ट के अनुसार काम नहीं करते हैं. शिफ्ट मनमर्जी अपने तरीके से चेंज करते हैं. चार्ट में दिए गए नंबरों पर रात में मरीज आने पर कॉल किया जाता है, तो जवाब मिलता है कि अब मेरी ड्यूटी नहीं है. कह कर सभी अपना पल्ला झाड़ने में लगे रहते हैं. ऐसा कई बार देखा गया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी के कहने के बाद भी कई बार मरीजों को भर्ती नहीं लिया गया है. इस बात की जानकारी बीडीओ द्वारा जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल को भी कुछ दिन पूर्व दी गयी थी. मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे प्रखंड चिकित्सा प्रभारी का मनोबल और बढ़ा हुआ है स्वास्थ्य केंद्र में किसी के साथ नहीं जमती है.







