शार्प भारत डेस्क : मई का महीना खत्म होने वाला है. 1 दिन बाद जून की शुरुआत हो जाएगी. ऐसा देखा जाता है कि हर एक नए महीने की शुरुआत के साथ ही कुछ बदलाव भी होते हैं. जून में भी कुछ ऐसे ही बदलाव होने वाले हैं जिनका हमारी जेब और मंथली बजट पर सीधा असर पड़ेगा. इसमें रसोई से लेकर बैंकिंग तक से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं. हालांकि, इन बदलावों से कुछ नुकसान होगा तो कुछ जगह फायदा मिलेगा. (नीचे भी पढ़ें)
बदल सकते है रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम : सरकार की ओर से हर महीने की शुरुआत में रसोई गैस और पेट्रोल डीजल के दाम निर्धारित किए जाते है. सरकारी तेज कंपनियों की तरफ से पिछले महीने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई थी. अब देखना यह होगा कि 1 जून को कारोबारियों को राहत मिलती है या महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी. वहीं दूसरी ओर पिछले कुछ दिनों से देश में पेट्रोल डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है. ऐसी क्यास लगाया जा रहा है कि 1 जून को तेल कंपनियां एक बार फिर बढ़ोतरी कर सकती है.
ब्लॉक क्लोजर के कारण 77 ट्रेनें रद्द : जून में रेलवे ने बड़ा ब्लॉक क्लोजर लिया है, जिसमें कुल 77 ट्रेनें रद्द की गयी है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों से गुजरने वाली सुपरफास्ट और दूरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों के रूट और समय में बड़ा फेरबदल किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
पैन कार्ड के नियमों में बदलाव : आयकर विभाग ने पैन कार्ड के इस्तेमाल को लेकर एक जरूरी बदलाव किया है. अब बैंक में एक दिन में 50 हजार रुपए से ज्यादा नकद जमा करने पर पैन कार्ड देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है. अब यूजर्स को 45 लाख रुपए से अधिक की प्रापर्टी डील, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट जैसे बड़े लेन देन के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा. हालांकि साल भर में 10 लाख रुपए से अधिक की कैश निकासी पर आयकर विभाग की निगरानी पहले की तरह जारी रहेगी.
यूपीआई से पेमेंट करने के सिस्टम में बदलाव : यूपीआई के जरीये हो रही ठगी को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) एक नया ‘वेरिफाइड नेम’ सिस्टम ला रहा है. इस नए नियम के तहत, पैसे भेजते समय आपको सामने वाले का केवल वही असली नाम दिखाई देगा जो उसके बैंक खाते में रजिस्टर्ड है. इसके बाद कोई भी व्यक्ति फर्जी निकनेम या यूजरनेम का सहारा लेकर लोगों को नहीं ठग सकेगा. यह डिजिटल लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आपका पैसा हमेशा सही व्यक्ति तक पहुंचे.
बैंक एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव : 1 जून से कई बैंक एटीएम ट्रांजेक्शन शुल्क में बदलाव किया जा सकता है. वहीं एफजी की ब्याज दरों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.







