
जमशेदपुर : सिंहभूम चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव (पीआरडब्ल्यू) एवं जमशेदपुर थोक वस्त्र विक्रेता संघ के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर व्यापारियों का दर्द समझने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के कारण व्यापारी अपनी दुकान नहीं खोल पा रहे हैं। इससे उनकी आमदनी का स्रोत बंद है। दुकान बंद होने के बावजूद दुकान का भाड़ा, कर्मचारियों की सैलरी, बैंक ब्याज की किश्त, जीएसटी का रिटर्न्स, रोजमर्रा के खर्चे सभी चालू हैं। इसके अलावा अपने सामाजिक दायित्व को निभाने के लिए व्यापारी संगठन स्तर और व्यग्तिगत स्तर पर भी लोगों की मदद कर रहे हैं। व्यापारी तो जरूर लोगों की मदद कर रहे है, लोगो के दर्द को बांट रहे हैं पर व्यापारियों के दर्द को बांटने वाला कोई नही है। उन्होंने कहा कि वस्त्र व्यापारियों के समक्ष तो दोहरी मार है। क्योंकि वस्त्र की बिक्री आयोजन ओर मौसम विशेष पर टिकी है और कोरोना के कारण पूरा लगन एवं ईद का सीजन बर्बाद हो गया है। जिन लोगों ने भी इन त्योहारों के हिसाब से खरीदी कर ली थी उनको चौतरफा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा है कि इस दोहरी मार से छोटे और मंझोले व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इन व्यापारियों को बचाने के लिए सरकार को स्पष्ट और ठोस कार्य योजना तैयार करनी चहिए। इसके तहत सभी व्यापारियों के बैंक लोन की किस्त, जीएसटी रिटर्न्स की किस्त को माफ करें एवं व्यापारियों को उबारने के लिए त्वरित सॉफ्ट लोन की व्यवस्था करें, ताकि व्यापारी अपना अस्तित्व बचा सकें।















