जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर की एक साहित्यिक संस्था “दबिस्तान-ए-जमशेदपुर” में गोपालगंज से आए उर्दू के शायर जकी हाशमी के सम्मान में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन जवाहरनगर स्थित अपने कार्यालय के हाल में किया. सभा की अध्यक्षता प्रो अहमद बद्र ने की. विशेष रूप से टाटा स्टील के स्पोर्ट्स मैनेजर डॉ हसन इमाम मल्लिक शामिल हुए. शेरी निशस्त का संचालन संस्था के सरपरस्त शायर गौहर अजीज ने स्वयं किया. सभा के आरंभ में उन्होंने मेहमान शायर का परिचय प्रस्तुत करते हुए बताया कि डॉ जकी हाशमी उर्दू कॉलेज गोपालगंज में एक प्राध्यापक के रूप में साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं. वे एक जाने-माने शायर हैं और मुशायरों के हवाले से दूर-दूर तक जाने जाते हैं. परंपरा के अनुसार स्थानीय शायरों ने पहले अपनी रचनाएं सुनाईं और फिर मेहमान से उनकी गजलें और अशआर सुने गए. (नीचे भी पढ़ें)

संस्था की तरफ से जिन शायरों ने अपने कलाम सुनाएं उनमें सैफ अली सैफ, हसरत निजामी, सफदर हारून, शोएब अख्तर, सरफराज शाद, फरहान खान फरहान, सद्दाम गनी, गौहर अजीज तथा अहमद बद्र के नाम प्रमुख हैं. सफीउल्लाह सफी हैदराबाद से जुड़े और ऑनलाइन अपनी गजल सुनाई. शेरी निशस्त के आरंभ में मेहमान का पुष्पगुच्छ, शाल तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर संस्था की तरफ से सम्मान किया गया. मेहमान शायर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संस्था को सराहा और जमशेदपुर में होने वाली उर्दू शायरी को उच्च स्तरीय शायरी करार दिया. उन्होंने कहा कि यहां के उर्दू माहौल की मिसाल कहीं और नहीं मिलती है. सभा के अंत में अध्यक्षीय भाषण हुआ और फरहान खान फरहान ने धन्यवाद ज्ञापन किया.







