
राजन सिंह
गुड़ाबांदा : कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लए सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की है. लॉक डाउन होने से बाजार की सभी दुकान और वाहनों का परिचालन बंद है. लॉक डाउन में ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए सरकार ने हर प्रखंड में मुख्यमंत्री दाल भात योजना केन्द्र खोला है, ताकि ग्रामीणों को भोजन मिल सके. जिला के नक्सल मुक्त प्रखंड गुड़ाबांदा में लॉक डाउन का पूरा असर है. गुड़ाबांदा प्रखंड के सिंहपुरा चौक पर मुख्यमंत्री दाल भात योजना केन्द्र खोला गया है, ताकि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र से प्रखंड मुख्यालय और बैंक पहुंचे गरीब और ग्रामीणों को दोपहर का भोजन मिल सके. केन्द्र की महिला समूह सदस्य सालगे टुडू ने बताया कि केन्द्र में पांच महिला सदस्य कार्यरत हैं. वे सभी मुख्यमंत्री दाल भात योजना केन्द्र में खाना बनाने के साथ साथ जंगल से पत्ता तोड़कर लाती हैं और केन्द्र में बैठकर पत्ते से पत्तल का निर्माण करती हैं, ताकि ग्रामीणों को पत्तल में खाना परोसा जा सके. उन्होंने कहा कि दूर-दराज से रोजाना कई ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय आते हैं और उनके पास बर्तन भी नहीं रहता है. वैसे लोगों को केन्द्र में उनके द्वारा निर्मित पत्तल पर भोजन परोसा जाता है. केन्द्र में जो भी खाने के लिए आते हैं उन्हें भोजन दिया जाता है.
थर्मोकोल प्लेट के बदले पत्तल में भोजन देने का है आदेश : बीडीओ
इस संबंध में गुड़ाबांदा की बीडीओ सीमा कुमारी ने बताया कि उन्होंने सिंहपुरा में संचालित मुख्यमंत्री दाल भात योजना केंद्र में कार्यरत महिला समूहों को आदेश दिया है कि केंद्र में किसी भी ग्रामीणों के बीच थर्मोकोल प्लेट में भोजन न दिया जायें. थर्मोकोल प्लेट के बदले महिला समूह की सदस्य पत्ते से प्लेट का निर्माण कर पत्तल में ही ग्रामीणों को भोजन दें. बीडीओ ने कहा कि पत्तल निर्माण कर रही महिलाओं को मेहनताना दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि थर्मोकोल प्लेट का उपयोग प्राकृतिक दृष्टिकोण से सही नहीं है. इस कारण महिला समूह की सदस्यों को पत्ता से पत्तल निर्माण कर भोजन देने का आदेश दिया है.















