
सरायकेला : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र भले ही राजनीतिक अखाड़े का केंद्रबिंदु रही है. मगर सरकारी मशीनरी आज भी लाचार और बेबस है. हर चुनाव में क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के दावे किए जाते रहे हैं मगर भ्रष्ट सिस्टम के कारण आज भी यह ईलाका पिछड़ा ही है. आज भी यहां के लोगों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है. वहीं स्वास्थ्य के मामले में भले ही यहां पीएचसी, सीएचसी सदर और अनुमंडल स्तरीय अस्पताल मौजूद हैं मगर डॉक्टरों की कमी के कारण आज ये सरकारी अस्पताल किसी काम के नहीं रह गए हैं. वैसे इन दिनों ट्रेडिशनल हेल्थ केयर का इलाके में काफी बोलबाला है. दस बेड का यह अस्पताल इलाके के गरीबों के लिए वरदान बनता जा रहा है. कुकड़ू प्रखंड के डाटम स्थित इस अस्पताल में एक्यूप्रेशर और नेचुरोपैथी पद्धति से शूगर, ब्लडप्रेशर, पैरालाइसिस आदि गम्भीर बीमारियों का सफलतापूर्वक तरीके से ईलाज किया जा रहा है. जहां रांची, सरायकेला, ओडिसा, पोटका, पटमदा और बंगाल के मरीज पहुंचते हैं और सफलतापूर्वक ईलाज कराते हैं. इस अस्पताल की खासियत ये है कि यहां निःशुल्क अमेरिका और इंग्लैंड के चिकित्सकों का दल समय समय पर आकर मरीजों को सेवा देते हैं. यहां ईलाज करा रहे मरीज यहां की व्यवस्था से काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं. फ़िलहाल अमेरिकी डॉक्टर साइमन और इंग्लैंड की महिला डॉक्टर इवामती नेज यहां मरीजों का ईलाज करने पहुंची है जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. दोनों चिकित्सक दिन रात यहां मरीजों की सेवा करने में व्यस्त हैं, वो भी बगैर किसी भेदभाव के. अस्पताल के संस्थापक डॉक्टर विश्वनाथ सिंह ने बताया कि 2010 से अमेरिका और अन्य देशों के चिकित्सकों के सहयोग से यह अस्पताल बगैर सरकारी सहयोग से चल रहा है. उन्होंने विदेशी डॉक्टरों के सहयोग की सराहना की, और कहा कि अबतक करीब दस हजार मरीज यहां से स्वस्थ्य होकर जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि जल्द ही यहां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. फिलहाल अस्पताल में योग पार्क का निर्माण कार्य चल रहा है.








