
जमशेदपुर : झारखंड के चिकित्सक क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के लागू होने को लेकर काफी चिंतित है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) द्वारा राज्य सरकार से अपील की गई है कि वर्तमान समय मे इस एक्ट को लागू राज्य में न किया जाए. आइएमए जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ उमेश खां ने इस बाबत बताया कि केंद्र सरकार द्वारा कई वर्षों पहले इस एक्ट को लागू किया था, लेकिन उन्होंने राज्य सरकार को स्वत्रंता दी थी, कि राज्य सरकार अगर चाहे तो उसमें बदलाव कर सकती है या फिर इसे रोक भी सकती है.
इतने वर्षों में इसे झारखंड में लागू नही किया गया था, जबकि बीते दिनों राज्य के स्वास्थ सचिव ने सभी को इस एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन कर लेने का नोटिस जारी किया है वो भी 31 जनवरी से पहले , आई .एम.ए जमशेदपुर के अनुसार झारखंड राज्य में अब भी अधिकतर गरीब लोग है और ग्रामीण क्षेत्र में एक बड़ी आबादी निवास करती है , एक्ट के अनुसार अगर चला जाये तो छोटे छोटे क्लीनिकों में इलाज संभव नही हो पायेगा , चूंकि इस एक्ट में शामिल होने के लिए पहले क्लिनिक के स्थान को बड़ा करना होगा जो वर्तमान में सबके लिए संभव नही है , साथ ही एक्ट में कई और नियम है जो इतनी जल्दी कोई भी चिकित्सक पूरा नही कर सकता, जिस कारण वर्तमान समय मे इसपर रोक लगानी चाहिए. इस संवाददाता सम्मेलन में महासचिव डॉ मृत्युंजय सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे.





