नयी दिल्ली: इंडिगो की उड़ानों में बाधा के कारण कई मार्गों पर हवाई यात्रा का किराया बढ़ जाने के मद्देनजर सरकार ने शनिवार को हवाई किराए पर ऊपरी सीमा लागू कर दी. इसके अलावा नागर विमानन मंत्रालय ने इंडिगो से बाधित उड़ानों से प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट रिफंड प्रक्रिया रविवार रात आठ बजे तक पूरी करने को कहा है.देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने लगातार पांचवें दिन सैकड़ों उड़ानें रद्द कीं, जिसकी मुख्य वजह चालक दल की कमी है. उड़ानों की संख्या कम होने से कुछ मार्गों पर हवाई किराया बहुत बढ़ गया था.हालात को गंभीरता से लेते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि उसने नियामकीय अधिकारों का उपयोग करते हुए सभी प्रभावित मार्गों पर उचित और वाजिब किराया सुनिश्चित करने का फैसला किया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि स्थिति सामान्य होने तक ये सीमाएं लागू रहेंगी.बयान में कहा गया, ”सभी विमानन कंपनियों को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया गया है कि अब निर्धारित किराया सीमा का सख्ती से पालन करना होगा. (नीचे भी पढ़े)
हवाई किराए की सीमा के बारे में विशिष्ट जानकारी तत्काल प्राप्त नहीं हो सकी.देशभर में इंडिगो की उड़ानों में लगातार आ रही रुकावटों और शेड्यूल में भारी गड़बड़ी को देखते हुए सिविल एविएशन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय ने यात्रियों की बढ़ती परेशानी को ध्यान में रखते हुए डीजीसीए के फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन ऑर्डर को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. मंत्रालय का कहना है कि यह कदम एयर सेफ्टी से कोई समझौता किए बिना केवल यात्रियों विशेषकर वरिष्ठ नागरिक, छात्र, मरीज और आवश्यक यात्रा पर निर्भर लोगों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है.सिविल एविएशन मंत्रालय ने बताया कि संचालन से जुड़े कई आपातकालीन उपाय तुरंत लागू कर दिए गए हैं. मंत्रालय को उम्मीद है कि इन निर्देशों का असर 24 घंटे के भीतर दिखने लगेगा और फ्लाइट शेड्यूल कल तक काफी हद तक स्थिर हो जाएगा. अगले तीन दिनों में सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने की संभावना जताई गई है.सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंडिगो की सेवाओं में उत्पन्न व्यवधान की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी. जांच में यह देखा जाएगा कि संकट की जड़ क्या थी, किस स्तर पर चूक हुई और किन पर जवाबदेही तय होगी. इसके अलावा, भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए नए उपाय सुझाए जाएंगे.मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार यात्रियों की समस्याओं से भली-भांति अवगत है और एयरलाइंस समेत सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ निरंतर संवाद कर रही है. डीजीसीए द्वारा दी गई रेगुलेटरी राहत सहित सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि एयरलाइन संचालन जल्द से जल्द स्थिर हो सके.



