कोलकाता : भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से लगनेवाली बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ एवं तस्करी रोकने के लिए फुल प्रूफ तैयारी कर ली है. इसके तहत खुली सीमा वाले इलाकों में बाड़ लगाने एवं बीएसएफ की चौकसी के साथ ही स्थानीय पुलिस की तादाद बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है. सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और उन इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए तीन नए पुलिस थाने और दो नई पुलिस चौकियां भी बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. इन थानों एवं पुलिस चौकियों के तैयार होते ही उनमें 75 नए अफसर और 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिये जाएंगे. उक्त क्षेत्र में पश्चिम बंगाल पुलिस बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ के साथ मिल कर काम करेगी. (नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि पश्चिम बंगाल के मालदा से जुड़े बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा से बांग्लादेशियों की घुसपैठ होती रही है. इसके अलावा गौवंश और ड्रग्स की तस्करी को लेकर भी यह सीमा काफी संवेदनशील रही है और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा इन इलाकों में आये दिन उपद्रव किया जाता रहता है. खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मालदा में घटनेवाली आपराधिक घटनाओं के पीछे भी इन घुसपैठियों और दलालों की बड़ी भूमिका होती है. बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ ने वर्ष 2023 में दक्षिण बंगाल में घुसपैठ करानेवाले 53 दलालों को पकड़ा था. अवैध घुसपैठ और तस्करी के आरोप में 186 बांग्लादेशियों के साथ करीब 493 भारतीय भी पकड़े गए थे. 2024-25 में भी बीएसएफ ने कई ऑपरेशन चलाए और हाल ही में वैष्णवनगर के सुखदेवपुर इलाके में फेंसिंग वाले बॉर्डर से बांग्लादेशियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी. बीएसएफ की कार्रवाई के बाद बांग्लादेशी गार्डों के साथ तनाव भी हुआ था.







