जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल अभियान ने पद्मश्री छुटनी महतो के नेतृत्व में डायन कुप्रथा उन्मूलन अभियान की शुरुआत की है. शुक्रवार को अभियान के आह्वान पर पद्मश्री छुटनी महतो के नेतृत्व में एक जागरूकता रैली पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय पहुंची और डायन कुप्रथा को समाज से समाप्त करने के लिए सभी को आगे आने की अपील की गई. पद्मश्री छुटनी महतो ने बताया कि इसके लिए पुलिस- प्रशासन को आगे आना जरूरी है. उन्होंने इसके लिए ग्रामीणों में जागरूकता का अभाव होना बताया. साथ ही पुलिस की कार्यशैली पर भी उन्होंने सवाल उठाए. वहीं सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने राज्य के लिए डायन कुप्रथा को अभिशाप बताते हुए इसे समूल नष्ट करने के लिए समाज के हर वर्ग से आगे आने की अपील की. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि जागरूकता से ही इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है. मुर्मू ने डायन कुप्रथा के लिए तीन कारकों का उल्लेख करते हुए इसपर गंभीरता दिखाने की बात कही. सालखन मुर्मू ने डायन कुप्रथा के लिए ग्रामीण स्वशासन व्यवस्था, ओझा गुनी और पुलिस- प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाया और कहा तीनों ही डायन कुप्रथा के समाज में फलने- फूलने के लिए जिम्मेदार हैं. वहीं पद्मश्री छुटनी महतो को सरकार की ओर से वाहन एवं मानदेय देने की मांग की. उन्होंने कहा इसके लिए वे राज्यपाल से मिलकर पहल करेंगे, ताकि पद्मश्री के अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग मिले. मुर्मू ने कहा कि आदिवासी सेंगेल अभियान डायन कुप्रथा को लेकर पूरे राज्य में अभियान चलाएगी. साथ ही भरोसा जताया कि 2023 के अंत तक डायन कुप्रथा को राज्य से समाप्त किया जाएगा.












