जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित श्री राजस्थान शिवमंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन, मंगलवार को यजमान किरण भाउका ने ब्यासपीठ की पूजा की, जिसके बाद आज की कथा प्रारंभ हुई. आज तीसरे दिन की कथा भक्त ओर भगवान् के प्रेम की पराकाष्ठा भाव के भक्त शिरोमणि विदुर जी की कथा के साथ प्रारंभ हुई, विदुर – उद्धव संवाद के साथ हुई, (नीचे भी पढ़ें)
कथा वाचक आचार्य मोहित दुबे ने कहा कि भगवान् का हृदय भारत ही है, इसीलिए भगवान् भारत में ही अवतार लेते हैं. कर्दम ऋषि एवं उनकी पत्नी देवहूति की कथा प्रसंग को विस्तार से बताया गया, उनकी नो पुत्रियों की कथा एवं दसवीं संतान भगवान् श्री कपिल देव जी के जन्म की कथा पर उदबोधन देते हुए आगे कहा कि कपिलदेव द्वारा अपनी माता देवहूति को दिये गये उपदेश की कथा भी कही. राजा दक्ष प्रजापति ओर माता सती की कथा के प्रसंग को भी रेखांकित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

आचार्य मोहित दुबे ने उपस्थित लोगों का अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए आह्वान करते हुए संस्कार युक्त संतानों का महत्व बताया. उन्होंने कथा के प्रसंग में भक्त प्रह्लाद की भक्ति, राक्षस पिता के द्वारा उन्हें बार बार प्रहलाद को प्रताड़ित किये जाने एवं भगवान् के नृसिंह अवतार की कथा भी सुनाई. आज की कथा में भक्त धरु एवं भक्त प्रहलाद की भव्य ओर दिव्य झांकियां भी सजाई गईं. कथा यज्ञ को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष छीतर मल धूत के साथ अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामुका, सांवर लाल शर्मा, पवन सिंगोदिया, पवन काबरा, कैलाश अग्रवाल, सुशील सर्वा, संजय गुप्ता, राजेश, आदि सक्रिय रहे. (नीचे भी पढ़ें)
आज कथा के दौरान उपस्थित विशिष्ट लोगों में विजय अजय सरायवाला,, श्याम सुंदर रिंगसिया, नारायण भाउका, गिरधारी लाल शर्मा, गणेश दायमा, पंडित पवन, पंडित कल्याण शर्मा, रोशन शर्मा, भंवर पारीक, गौवर्धन गुप्ता, मुरलीधर शर्मा आदि उपस्थित रहे.



