
जमशेदपुर : भाजपा जमशेदपुर महानगर ने पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के संरक्षण में चलने वाली संस्था युगांतर भारती की पूरी गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. जमशेदपुर भाजपा के जिला अध्यक्ष गुंजन यादव और प्रवक्ता प्रेम झा ने प्रेस रिलीज जारी कर सरयू राय को युगांतर भारती के मामले में घेरने की कोशिश की है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि युगांतर भारती का मुद्दा उठाया गया है. पहले भी इस तरह की मांग हो चुकी है. शुक्रवार को प्रेस रिलीज जारी कर प्रेम झा ने जिला अध्यक्ष की ओर से बताया कि झारखंड सरकार अगर युगांतर भारती की निष्पक्ष जांच करती है, तो कई सनसनीखेज मामले सामने आएंगे, जिसका संबंध कहीं न कहीं विधायक सरयू राय से है। इस संस्था की आड़ में सालों से सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दिये जाने का आरोप लगाया गया है। जमशेदपुर महानगर भाजपा ने युगांतर भारती की जांच के लिए मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (निगरानी) और महा निबंधक निबंधन को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही कहा है कि जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय युगांतर भारती की आड़ में भ्रष्ट कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। युगांतर भारती की पूरी गतिविधियों और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। युगांतर भारती से जुड़े कई लोगों के परिजनों ने गलत लाभ लिया है। युगांतर भारती की प्रबंध कार्यकारिणी समिति की सदस्य रह चुकी सुजाता शंकर के पति सुनील शंकर को मंत्री रहते सरयू राय ने गलत तरीके से रिटायरमेंट के पूर्व ही पणन पदाधिकारी नियुक्त कर दिया था। संविदा पर नियुक्ति के लिए या तो विज्ञापन निकाला जाता है या फिर मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री की अनुमति ली जाती है। सुनील शंकर को सरयू राय ने अपने स्तर से ही नियुक्त कर लिया और मुख्यमंत्री से अनुमति नहीं ली। सरयू राय को इसका अधिकार ही नहीं था। जमशेदपुर भाजपा की ओर से कहा गया है कि सरयू राय के मंत्री रहते सुनील शंकर को संविदा पर तुरंत बहाल कर दिया गया, जबकि शेष रिक्तियों के लिए सरयू राय ने विज्ञापन प्रकाशित कर आवेदन मांगने का आदेश दिया था। सुनील शंकर 30 सितंबर 2017 को रिटायर हो रहे थे और सरयू राय का ही आदेश था कि संविदा पर होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाए। जबकि प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूर्ण होनी थी, तो सुनील शंकर को मंत्री ने पहले ही कैसे नियुक्त कर दिया। जमशेदपुर महानगर भाजपा ने झारखंड सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।







