जमशेदपुर : भाजपा युवा मोर्चा, जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में सोमवार को बिष्टुपुर स्थित चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती स्मरण पर्व के अवसर पर भव्य ‘छात्र सम्मेलन’ का आयोजन किया गया. भाजयुमो जिलाध्यक्ष नीतीश कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में शहर के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, युवा साथियों, प्रबुद्धजनों तथा भाजपा एवं भाजयुमो कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण और बड़ी भागीदारी रही. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, मुख्य वक्ता के रूप में भाजयुमो झारखंड प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा उपस्थित रहे. सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया. मुख्य वक्ता शशांक राज ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा. उनका सर्वोच्च बलिदान भारत की एकता के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है. उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के विचारों, राष्ट्रभक्ति और त्याग की भावना को आत्मसात कर देश के विकास एवं राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है. डॉ. मुखर्जी ने जिस सशक्त, समृद्ध और अखंड भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर है. यदि युवा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लें, तो भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में और अधिक तेज़ी से आगे बढ़ेगा. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया. उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और शेख अब्दुल्ला के बीच हुए समझौते के तहत जम्मू-कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 के माध्यम से विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था. उस समय राज्य का अलग संविधान, अलग झंडा और अलग व्यवस्था थी तथा वहां जाने के लिए देश के अन्य नागरिकों को परमिट की आवश्यकता होती थी. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने इस व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हुए “एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष किया और इसके लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार किया गया तथा जम्मू-कश्मीर का पूर्ण रूप से भारत में एकीकरण सुनिश्चित हुआ. डॉ. गोस्वामी ने कहा कि आजादी के समय पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी भारत का हिस्सा था, लेकिन तत्कालीन सरकार की नीतियों के कारण उसका एक बड़ा भाग पाकिस्तान के कब्जे में चला गया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने वर्तमान कश्मीर समस्या के लिए कांग्रेस की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की दूरदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व के कारण ही पश्चिम बंगाल आज भारत का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है. कार्यक्रम के अंत में भाजयुमो जमशेदपुर महानगर जिलाध्यक्ष एवं कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नीतीश कुशवाहा ने सभी अतिथियों, छात्र-छात्राओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में युवाओं की ऐतिहासिक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रवाद की भावना आज भी युवाओं के हृदय में पूरी मजबूती के साथ विद्यमान है. इस दौरान प्रदीप मुखर्जी, अमिताभ सेनापति, प्रकाश दुबे, रीता मिश्रा, संजीव कुमार नीलु मछुआ, शैलेश गुप्ता, राहुल तिवारी, चंदन चौबे, अभिषेक डे समेत कई छात्र एवं युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे.







