
Jamshedpur : शहर के बुद्धिजीवियों ने केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के मामले में अंकुश लगाने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशात भूषण पर लगाए गए प्रतिबंध को गलत ठहराया है. साथ ही देश के लोगों को कानून में दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी का हनन बताया है. इन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रशांत भूषण ने अभिव्यक्ति की आजादी के तहत दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री का बगैर मास्क और बगैर हेलमेट पहने 50 लाख की मोटरसाइकिल पर फोटो सूट किए जानेवाली निजी तस्वीर को अपने ट्वीटर हैंडल से पोस्ट करते हुए प्रतिक्रिया व्यक्त की है जो उनके अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा है.
साथ ही इन्होंने सवाल किया है कि इसमें सुप्रीम कोर्ट की अवमानना कैसे हो गयी. वहीं बुद्धिजीवी मंच के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर सुप्रीम कोर्ट को अधिवक्ता प्रशांत भूषण मामले में संज्ञान लेने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है. प्रशांत भूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए फैसले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है.








