जमशेदपुर : जमशेदपुर : जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में गुरुवार को इनर व्हील जमशेदपुर के सहयोग से वन-विभाग की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया. इस के तहत कॉलेज परिसर में प्राचार्य डॉ अमर सिंह, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में फलदार एवं छायादार किस्म के वृक्षों के पौधे लगाये, जिनमें विभिन्न प्रकार के फलों जैसे नारियल, जामुन, आम, नींबू, अमरूद आदि के पौधे भी शामिल रहे. वृक्षारोपण अभियान में इनर व्हील क्लब की अध्यक्ष सारिका सिंह एवं उनके समूह की महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हुए अपने साथ लाये पौधे लगाये. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर डॉ मिथिलेश दत्त द्विवेदी की पुस्तक ‘वर्ड्स ऑफ़ टेल्को’ का विमोचन किया गया. स्वागत संबोधन में प्राचार्य डॉ सिंह ने पौधा रोपण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परंपरा वर्षो से चली आ रही है. शेरशाह सूरी द्वारा जब जीटी रोड का निर्माण किया गया, उस वक्त भी राहगीरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पौधा रोपण किया गया था. पौधा रोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस बात पर जोर दिया कि पृथ्वी पर जीवन बना रहे, इसके लिए पौधा रोपण अति आवश्यक है. मुख्य अतिथि राज कुमार ने प्राचार्य के लगातार पौधा रोपण सम्बन्धी कार्यों को प्रशंसनीय बताते हुए कहा कि परिसर को देख कर बीएचयू की याद आ गई. समारोह के दूसरे चरण में कॉलेज के विवेकानंद सभागार में पर्यावरण विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित हुई. इसमें महाविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य एवं जाने-माने पर्यावरणविद् डॉ राजू कुमार मुख्य अतिथि रहे. प्राचार्य डॉ अमर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ मिथिलेश दत्त द्विवेदी एवं कृषि विश्वविद्यालय के डॉ आरएन मिश्रा, प्रो ब्रजेश कुमार, डॉ एसएन ठाकुर, डॉ कृष्णा प्रसाद, डॉ रुचिका तिवारी, डॉ शोभा देवी, डॉ सविता पॉल आदि उपस्थित रहे. इस अवसर पर डॉ मिथिलेश दत्त द्विवेदी की पुस्तक ‘बर्ड्स ऑफ टेल्को’ का विमोचन भी किया गया. स्वागत संबोधन में प्राचार्य डॉ सिंह ने पौधा रोपण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परंपरा वर्षो से चली आ रही है. शेरशाह सूरी ने जब जीटी रोड का निर्माण कराया, उस वक्त भी राहगीरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़क के दोनों ओर छायादार वृक्ष लगवाये. उन्होंने पृथ्वी पर जीवन बनाये रखने के लिए पौधा-रोपण को अति आवश्यक बताया. मुख्य अतिथि डॉ राजू कुमार ने प्राचार्य के लगातार पौधारोपण सम्बन्धी कार्यों को प्रशंसनीय बताते हुए कहा कि परिसर को देख कर बीएचयू की याद आ गई. वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार रवानी ने कार्यक्रम का संचालन एवं डॉ रुचिका तिवारी ने लेखक, डॉ द्विवेदी का परिचय प्रस्तुत किया. (नीचे भी पढ़ें)

लेखक डॉ मिथिलेश दत्त द्विवेदी जो तीस वर्षों तक अध्ययन–अध्यापन से जुड़े रहे एवं अभी भी पक्षियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, ने पक्षियों एवं सांपों के बारे में एक बहुत ही रोचक स्वनिर्मित विडियो फिल्म प्रदर्शित की. कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अतिरिक्त डॉ पियाली विश्वास, डॉ नूर दानिश, डॉ एस खान, डॉ पुष्पा सिंह के अतिरिक्त बीएड विभाग के शिक्षक डॉ मुन्ना मुखी, डॉ इरशाद खान आदि भी उपस्थित रहे. शिक्षकेतर कर्मियों में चन्दन कुमार, संजय यादव, जोबा टुडू, प्रभात कुमार पाण्डेय, स्वाति, ज्योति कुमारी, नाज़िश मंसूर आदि ने भी कार्यक्रम में अहम योगदान किया.



