जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने झारखंड में आयोजित जेपीएससी एवं जेएसएससी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं तथा अभ्यर्थियों की शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अविलंब हस्तक्षेप करने की मांग की है. जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम एक गुहार पत्र जारी करते हुए कहा है कि राज्य के लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों की कठिन मेहनत और संघर्ष के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रहेगी तथा अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहेंगी, तो युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. परविंदर सिंह ने मांग की कि जेपीएससी एवं जेएसएससी से संबंधित सभी आरोपों एवं शिकायतों की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा जिन अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता प्रमाणित हो, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य के साथ धोखा करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके. जिला अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करे, जिसमें पारदर्शी चयन प्रक्रिया, तकनीकी निगरानी, समयबद्ध परीक्षा एवं परिणाम, शिकायत निवारण तंत्र तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे ठोस कदम उठाए जाएं. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि एक मजबूत और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है. परविंदर सिंह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से अविलंब वार्ता करें, उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनें तथा सकारात्मक पहल करते हुए धरना-प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराने का प्रयास करें. उन्होंने कहा कि संवाद और न्यायपूर्ण समाधान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र निर्णय लेगी और झारखंड के युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी.







