
जमशेदपुर : अस्तित्व की संस्थापक सदस्य और इंटक नेत्री मीरा तिवारी ने घर पर ही रहकर पति-पत्नी दोनों ने कोरोना से जंग जीत लिया। उनके पति की स्थिति बहुत ही खराब थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दोनों एक कमरे में क्वारंटाइन होकर डॉक्टर की सलाह पर दवा खाना और 24 घंटे निगरानी में इलाज शुरू किया। ऑक्सीजन लेबल 79 से 85 तक रहता था। योग, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और दवाओं के नियमित सेवन से दस दिनों बाद स्वस्थ हो गए। इस दौरान उम्मीद और भगवान भोलेनाथ का रक्षा कवच उन्हें इस बीमारी से बाहर ले आया। वहीं डॉ पारिख ने बहुत सहयोग किया, उनकी देखरेख में घर पर ही इलाज शुरू किया। प्रत्येक दिन में 10 बार से भी ज्यादा व्हाट्सएप पर पल्स ऑक्सीमीटर पर ऑक्सीजन लेबल की जानकारी लेते हुए गाईड करते रहे। पूरे 10 दिनों बाद पति पत्नी दोनों स्वस्थ हैं। ज्ञातव्य हो कि रामनवमी पूजा के अवसर पर इंटक नेत्री मीरा तिवारी पति संग अपने पैतृक गांव बिहार के सासाराम रोहतास गई थी। उस दौरान गांव पर ही दोनों कोरोना के लक्षण के साथ ही बुखार और खांसी से ग्रसित हो गए थे। तब तबियत बिगड़ने पर पिछले सप्ताह एक मई को जमशेदपुर पहुंचे तो ऑक्सीजन का स्तर गिरने की जानकारी हुई, किंतु हिम्मत और हौंसले ने उन्हें तीसरे दिन से घर पर ही स्थिति में सुधार होने से उम्मीद की रोशनी से कोरोना से जंग में जीत हासिल हुई।अब दोनो पूरी तरह स्वस्थ है। मीरा तिवारी का मानना है की गरीब और जरूरतमंदों की नि:स्वार्थ भाव से मदद करना ही आज उनके पति को दूसरी जिंदगी मिली है। इसलिए अब फिर से दुगने उत्साह से सबकी मदद और समाज में जनसेवा के लिए सबके बीच हूं और फिलहाल फोन पर ही सबकी मदद करने की यथासंभव कोशिश कर रही हूं।











