
जमशेदपुर : जमशेदपुर कोर्ट में वकीलों ने हंगामा किया. इन लोगों से जमशेदपुर कोर्ट के जिला जज द्वारा एक सप्ताह का समय लिया गया था कि कोई न कोई स्पष्ट गाइडलाइन या काम करने की शुरुआत को लेकर झारखंड हाईकोर्ट से आदेश आ जायेगा तो कामकाज सामान्य कर लिया जायेगा. लेकिन ऐसा कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुआ. जमशेदपुर कोर्ट सारे अधिवक्ता सोमवार को पहुंचे. इन लोगों ने जमानत की याचिका को लेकर क्या व्यवस्था किया गया है, यह जानने की कोशिश की गयी. इस पर यह कहा गया कि जो ऑनलाइन व्यवस्था पहले से जारी है, उसको ही बरकरार रखा जायेगा.
इसके बाद अधिवक्ताओं ने कामकाज को बंद कर दिया. जमानत को लेकर याचिका डालने वाले बकशा में किसी को जमानत की अर्जी डालने नहीं दिया गया. वकीलों की आपत्ति है कि आज अगर किसी की जमानत याचिका की अर्जी दी जाती है तो वह अर्जी की सुनवाई चार से पांच दिनों के बाद हो पाती है. ऊपर से सारे कैदी कहीं जमशेदपुर से घाटशिला तो कोई दुमका तो कोई रांची तो कोई कहीं और शिफ्ट कर दिये गये है. ऐसे में उनको वकालतनामा से लेकर सारी चीजों की व्यवस्था करने में दिक्कत हो रही है. इन लोगों के हंगामा के बाद जिला जज खुद कोर्ट के पोर्टिको में आये.
वकीलों को शांत कराया और फिर जमशेदपुर बार एसोसिएशन के पांच लोगों से कार्यालय कक्ष में बातचीत की. इस बातचीत के दौरान जिला जज ने साफ करह दिया कि अभी ये सारी चीजें सामान्य होने में समय लग सकता है. झारखंड हाईकोर्ट का जो आदेश होगा, उसके तहत ही कामकाज हो सकेगा. अब तक कोई नया आदेश नहीं आया है. इस कारण अभी कामकाज को सामान्य तौर पर चलने दिया जाये. उसके बाद वकीलों की बातों को हाईकोर्ट तक पहुंचा दिया जायेगा, जिसके बाद जो आदेश आयेगा, उसका अक्षरश: अनुपालन कराया जायेगा. लेकिन वकील संतुष्ट नहीं हुए और कामकाज शुरू नहीं किया. वकीलों ने तय किया है कि अब वे लोग झारखंड बार काउंसिल के स्तर पर मामले को उठायेंगे.













