जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के तिस्त रोड में 12 अप्रैल 2021 की दोपहर पत्नी ( वीणा कुमारी) दो मासूम बेटी (श्रावणी और शानवी) ट्यूशन टीचर ( रिंकी घोष) की बेरहमी से हत्या करने के मामले में जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे – 4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने गुरुवार को आरोपी टाटा स्टील के कर्मचारी दीपक कुमार सिंह उर्फ गोलू को फांसी का सजा सुनाई हैं. फैसला सुनाए जाने के पूर्व दीपक कुमार उर्फ गोलू को घाघीडीह सेंट्रल जेल से वीसी के माध्यम से अदालत में पेशी कराई गई. सुबह 8.56 मीनट पर अदालत ने अपना फैसला सुनाने के पूर्व कहा कि तुमने चार लोगों की बेरहमी से कत्ल किया हैं. इस लिए तुम्हें भी जीने का कोई अधिकार नही हैं मैं भी तुम्हे मौत की सजा दे रहा हूं. अदालत ने आरोपी दीपक को गत शनिवार को दोषी करार दिया था. अदालत ने आरोपी को धारा 302, 307, 379, 201 और 376 (1) के तहत सजा सुनाई हैं. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने कहा कि इस मामले में कुल 26 लोगों की गवाही अदालत के समक्ष हुई है. (नीचे भी पढ़ें)
266 पेज का हैं फैसला, अदालत ने आरोपी को इन धाराओं में सुनाई है सजा :- न्यायालय ने गुरुवार को सुनाई 266 पेज का फैसला में आरोपी दीपक को इन धाराओं के तहत सजा सुनाई हैं. साथ ही 50 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया हैं. अदालत ने धारा 302 (हत्या) में फांसी, धारा 307 (जानलेवा हमला) में 10 साल, धार 201 (साक्ष्य छूपाने) में 5 साल, धारा 379 (चोरी) में 3 साल और धारा 376(1) (किसी महिला के साथ दुष्कर्म) के तहत उम्रकैद और 50 हजार रूपए का अर्थदण्ड का सजा दी हैं. (नीचे भी पढ़ें)
खौफनाक कहानी भुल नहीं पाये हैं शहर के लोग : फायर ब्रिडेग का कर्मचारी दीपक ने जिस तरह से परिवार के सदस्यों समेत चार लोगों की हत्या की थी. उस कहानी को आज भी जमशेदपुर शहर के लोग भुल नहीं पाये हैं. उसने घटना के दिन अपनी पत्नी, दो बच्चों और ट्यूशन टीचर पर हथौड़ा से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी. पत्नी को घायल करने के बाद दीपक ने उसके मुंह को तकिया से दबा दिया था. (नीचे भी पढ़ें)
घटना के दिन सुबह 9.30 बजे भगिना रोशन को डिनर पर बुलाया था : दीपक ने घटना के दिन भगिना रोशन को फोन कर डिनर पर बुलाया था. रौशन अपनी पत्नी आराध्या एवं एक साल की बेटी और अपने साथी को साथ लेकर दोपहर को पहुंचे थे दीपक के घर, बेटी पटी कर दिया था तभी रौशन और उनकी पत्नी बाथरुम में बेटी को धुलने के लिए गए इसी बीच दीपक ने रौशन के साथी पर भी हथौड़ा से हमला कर दिया था. बीच बचाव में रौशन और उसके साथी भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. (नीचे भी पढ़ें)
पड़ोसियों को भी नहीं लगने दी भनक : दीपक ने 12 अप्रैल को चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, लेकिन पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी. घटना को अंजाम देने के बाद उसने कमरे का एसी चला दिया था. इस बीच कमरे से दुर्गंध भी नहीं आ रहा थी. पुलिस दरवाजा तोड़कर जब भीतर गयी तब ट्यूशन टीचर का शव बॉक्स पलंग से भीतर से बरामद किया गया था. कमरे में जगह-जगह पर खून पसरा हुआ था.
धनबाद से दीपक को 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था : घटना के बाद जमशेदपुर की पुलिस ने आरोपी दीपक का फोटो अखबारों में जारी कर दिया था. जगह-जगह पर इस्तेहार भी लगाया गया था. ठीक चौथे दिन 16 अप्रैल को धनबाद से वह गिरफ्तार हुआ था. उस समय वह बैंक से रूपए निकालने के लिए एचडीएफसी बैंक पहुंचा हुआ था. सूचना पर जमशेदपुर की पुलिस टीम धनबाद पहुंची और उसे गिरफ्तार कर शहर लेकर आई थी.
घटना के बाद बुलेट से फरार हो गया था राउरकेला : दीपक घटना को अंजाम देने के बाद अपनी बुलेट से ही राउरकेला फरार हो गया. बुलेट को उसने अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपा दिया था. ठीक तीन दिनों के बाद वह धनबाद पहुंचा था. यहां पर वह सूर्य बिहार कॉलोनी में स्थित एक होटल में रह रहा था. इस बीच रुपये के लिये वह एटीएम में गया था और पुलिस की गिरफ्त में आ गया था. घटना के समय एसएसपी डॉ. एम तमिल वाणन थे जबकि सिटी एसपी सुभाषचंद्र जाट थे. घटना को अंजाम देने का कारण हाइवा के व्यापार में काफी नुकसान हो गया था. जिसके कारण दीपक की मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया था. हत्या के पूर्व वह मुवी देखकर हत्याकांड को अंजाम तक पहुंचाया था.



