
जमशेदपुर : जमशेदपुर न्यायालय में शनिवार को शंकर मुंडा की हत्या की साजिश करने के मामले में एडीजे 13 प्रभाकर कुमार की अदालत में गवाही दर्ज हुई. इस दौरान तत्कालीन छापेमारी दल के दो पुलिसकर्मी आफताब आलम और सुरेश प्रसाद का बयान दर्ज किया गया. इस दौरान आरोपी गैंगस्टर अखिलेश सिंह और उसके साथी जसबीर सिंह की पेशी वर्चुअल मोड में हुई. दोनो पुलिसकर्मियों ने अखिलेश सिंह को पहचानने से इंकार कर दिया जबकि जसबीर सिंह को सतबीर सिंह बताया. मामले के संबंध में अधिवक्त विद्या सिंह ने बताया कि मामला 19 अगस्त 2011 का है. उस दौरान सिदगोड़ा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी बिनोद कुमार ने थाना क्षेत्र के एक क्वार्टर में शंकर मुंडा की हत्या की साजिश करने के आरोप में छापेमारी कर अखिलेश सिंह, जसबीर सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, असीम अंसारी, अमरजीत पांडे, शिवचरण और संतोष पांडे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. मामले में अखिलेश सिंह और जसबीर सिंह जेल में बंद है बाकी सब फरार चल रहे है. इसी मामले की सुनवाई के दौरान छापेमारी दल में शामिल पुलिस कर्मियों की गवाही हुई जिसमे उन्होंने अखिलेश सिंह को पहचानने से इंकार कर दिया.





