जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जमशेदपुर पुलिस ने रामगढ़ पुलिस की टीम के साथ संयुक्त छापामारी कर ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी बिरसानगर के ओमनगर, हुंगरी टोला, रोड नंबर-02 में एक किराए के फ्लैट से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे. छापामारी के दौरान पुलिस ने मौके से पांच लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, 102 एटीएम और डेबिट कार्ड, 67 सिम कार्ड समेत बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं. (नीचे भी पढ़ें)

इस मामले का खुलासा रामगढ़ साइबर अपराध थाना में दर्ज एक पुराने कांड के अनुसंधान के दौरान हुआ. जानकारी के अनुसार, रामगढ़ साइबर थाना में विगत 5 फरवरी (2026) को दर्ज मामले की जांच के क्रम में पुलिस को आरोपियों के जमशेदपुर के बिरसानगर इलाके में सक्रिय होने की सूचना मिली थी. इसके बाद 29 अक्टूबर को रामगढ़ साइबर थाना की टीम अनुसंधान और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पहुंची. इसके बाद जमशेदपुर के एसएसपी के निर्देश पर जमशेदपुर साइबर अपराध थाना, बिरसानगर थाना एवं रामगढ़ साइबर थाना की संयुक्त छापामार टीम गठित की गई. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिरसानगर थाना क्षेत्र के ओम नगर, हुंगरी टोला रोड नंबर-02 स्थित कामेश्वर राम के मकान के प्रथम तल पर बने किराए के फ्लैट की घेराबंदी कर छापामारी की. इस दौरान वहां से पांच आरोपियों को कथित रूप से ऑनलाइन साइबर ठगी का संचालन करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गेट एंड आइडी नामक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करते थे. शुरुआत में कम पैसे लगाकर बड़ा इनाम जीतने का लालच दिया जाता था. जब खिलाड़ी गेम में पैसे हारने लगता था, तो उसे अगली बार बड़ा दांव लगाकर हारी हुई रकम वापस पाने का भरोसा दिलाया जाता था. इसी लालच में लोग लगातार पैसे लगाते रहते थे और लाखों रुपये गंवा बैठते थे. जांच में यह भी सामने आया है कि ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी गई रकम को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था. इसके बाद अलग-अलग बैंकों के एटीएम और डेबिट कार्ड के माध्यम से नकद निकासी कर ठगी की रकम को ठिकाने लगाया जाता था. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है. पुलिस ने इस मामले में जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें गोलमुरी चर्च रोड निवासी एम भानु प्रकाश (31 वर्ष), बारीनगर (टेल्को) बी रोड, इमामबाड़ा के पास रहनेवाला मो फरहान (21 वर्ष), बिरसानगर जोन 6 के मदर टेरेसा रोड निवासी राहुल मिंज, बिरसानगर जोन 2 के रोड नंबर 2 निवासी अभिषेक राज (25 वर्ष) एवं सिदगोड़ा निवासी श्रवण सोना (23 वर्ष) शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस ने आरोपियों के पास से और घटनास्थल से पांच लैपटॉप एवं तीन लैपटॉप चार्जर, 25 मोबाइल फोन, 67 सिम कार्ड, अलग-अलग बैंकों की नौ पासबुक, 102 एटीएम और डेबिट कार्ड, नकद 8,440 रुपये, जीओ का वाइफाइ राउटर, एक यामाहा मोटरसाइकिल, एक अन्य वाहन का ओनर कार्ड आदि सहित अन्यसामान शामिल हैं. इस कार्रवाई में शामिल छापामार दल में जमशेदपुर साइबर अपराध थाना प्रभारी श्रीनिवास कुमार, पुलिस निरीक्षक अमित अभिषेक, प्रदीप वर्मा, रामगढ़ साइबर थाना के अनुसंधानकर्ता दिगम्बर पाण्डेय, बिरसानगर थाना प्रभारी मंटू कुमार, रामगढ़ साइबर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक रंजीत कुमार यादव तथा बिरसानगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक विष्णु कुमार, लालचंद बेदिया, कमलेश कुमार, सहायक अवर निरीक्षक जयंत भगत और रामगढ़ साइबर थाना के आरक्षी जितेन्द्र पासवान शामिल थे. पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में संचालित ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. भारी संख्या में एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन की बरामदगी से आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई बैंक खातों और अन्य लोगों से जुड़ा हो सकता है. पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी है.












