
जमशेदपुर : जमशेदपुर के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की समस्याओं को सुना गया. क्रमवार लोगों ने मुलाकात कर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्यायों को रखा तथा समाधान का आग्रह किया, जिस पर जांचोपरांत यथोचित कार्रवाई को लेकर आश्वस्त किया गया. धालभूमगढ़ थाना के राउताड़ा पंचायत अंतर्गत नुवाग्राम निवासी जोनाथन मार्डी ने परिवार सहित गांव से बहिष्कृत किए जाने का मामला संज्ञान में लाया। फरियादी ने बताया कि दबंगो द्वारा हमेशा जान लेने की धमकी दी जाती है. वहीं माझी बाबा द्वारा हुक्का-पानी बंद, गांव से बहिष्कृत, जान से मारने की धमकी एवं रंगदारी 20,000 रूपये जमा करने का फरमान जारी किया गया है. जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वरीय पुलिस अधीक्षक को इस मामले में जांच कर आरोपियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई करने का निदेश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
सदर अस्पताल की सीएचओ द्वारा इलाज में लापरवाही के एक मामले में पीड़ित पिता ने मदद की गुहार लगाई जिसमें उनकी बेटी का हाथ काटना पड़ा था. जमशेदपुर के उपायुक्त ने मौके पर ही सिविल सर्जन को उक्त सीएचओ के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढाने का निर्देश दिया. चाकुलिया के एक बुजुर्ग ने उनकी जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से दखल करने के प्रयास का मामला संज्ञान में लाया जिस पर एसडीओ और डीसीएलआर घाटशिला से रिपोर्ट मांगा गया. महिला फरियादी ने इलाज में आ रहे भारी खर्च में प्रशासन की तरफ से किसी तरह के सहयोग का आग्रह किया जिसपर नियमसंगत कार्रवाई को लेकर आश्वस्त किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
भाड़े पर दिए गए वाहन की धोखाधड़ी कर वापस नहीं लौटाने, टाटा मोटर्स के कॉन्वाई चालकों के मानदेय का मुद्दा, दिव्यांग के लिए दुकान आवंटन की मांग, राशन कार्ड, बच्चे का नामांकन, भाई से संपत्ति विवाद एवं संपत्ति से बेदखल करने संबंधी सिविल कोर्ट से जुड़े अन्य मामले भी आए. जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने इस संबंध में पीपी से बातचीत कर समाहरणालय परिसर में पारा लिगल वॉलंटियर व एक वकील के बैठने के संबंध में चर्चा की. उन्होने कहा कि संपत्ति विवाद व सिविल कोर्ट से जुड़े अन्य कई मामले भी जनता दरबार में आतें हैं ऐसे में लोगों को उचित मार्गदर्शन एवं परामर्श दिया जा सकेगा. जनता दरबार में जनसमस्याओं से जुड़े अन्य मामले भी आए जिसपर संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदन अग्रसारित करते हुए समयबद्ध कार्रवाई का निदेश दिया गया, कई आवेदनों का ऑनस्पॉट समाधान भी किया गया.












