जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में वीबी जीरामजी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) के तहत रोजगार सृजन, पंचायतवार कार्यों की प्रगति, लंबित भुगतान, जियो टैगिंग तथा विभिन्न आवास योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन आवासों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजी प्रगति तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसका प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन 100 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही पंचायतों में मांग आधारित कार्यों की पहचान, योजनाओं की समय पर स्वीकृति तथा पर्याप्त संख्या में कार्यस्थलों का संचालन सुनिश्चित किया जाए. (नीचे भी पढ़ें)
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिकों की उपलब्धता, रोजगार की मांग और कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें. जिन पंचायतों में श्रमिकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष पहल करते हुए रोजगार सृजन में तेजी लाई जाए. उन्होंने कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति, कार्यों की गुणवत्ता तथा अभिलेखों के संधारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि योजना का लाभ पात्र ग्रामीण परिवारों को समय पर मिल सके. उपायुक्त ने लंबित जियो टैगिंग कार्य में तेजी लाने तथा मजदूरी एवं सामग्री मद में लंबित राशि के भुगतान की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा. साथ ही, संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों की प्रगति एवं भुगतान से जुड़ी समस्याओं का नियमित अनुश्रवण करें, ताकि अनावश्यक विलंब से बचा जा सके. (नीचे भी पढ़ें)
आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित बीडीओ को आवास निर्माण की प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने लाभुकवार प्रगति की निगरानी करने, निर्माण के विभिन्न चरणों में लंबित कार्यों की पहचान करने तथा पात्र लाभुकों को नियमानुसार आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया. साथ ही, आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा पूर्ण हो चुके आवासों की स्थिति का उचित सत्यापन करने का निर्देश दिया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सुरक्षित आवास का लाभ मिल सके. उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि रोजगार सृजन एवं आवास योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, बीडीओ, बीपीओ, बीसी व अन्य संबधित पदाधिकारी, कर्मी उपस्थित रहे.





