जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुई मारपीट और बाहर में पुलिस के सामने हुई चापड़बाजी की घटना में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ एफआइआर दायर किया गया है. गंभीर रुप से घायल युवक के पिता सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर के हरिओम नगर टीपी सिह बिल्डिंग निवासी अरविंद सिंह ने यह केस दायर किया गया है, जिसमें भाजपा नेता और डीडी बार के संचालक नीरज सिंह और उनके पार्टनर विजय कुमार को भी आरोपी बना दिया गया है. इसमें एकमत होकर जान से मारने की नियत से धारदार हथियार से हमला करना बताया गया है. इसमें मुख्य आरोपियों में सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया के धातकीडीह निवासी सोनू राम सरदार, विश्वनाथ मंडल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, घागीडीह निवासी लखन मार्डी और एक अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया है. इस एफआइआर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा दिया है. वजह यह है कि यह कांड जब हुआ, तब पुलिस मौजूद थी. पुलिस के सीसीआर वैन से उतारकर लड़कों पर जानलेवा हमला किया गया. पुलिस की मौजूदगी में इस कांड को अंजाम दिया गया. डीडी बार के अंदर पहले हल्की मारपीट हुई थी, बाद में यह मारपीट बाहर हुई और बाहर में पुलिस के सामने ही आरोपियों ने मिलकर सीसीआर के पुलिस जीप से उतारकर युवकों पर जानलेवा हमला किया, चापड़ चलाया और चापड़ से युवकों को अधमरा कर दिया. अब सवाल यह उठने लगा है कि क्या कोई दुकानदार की दुकान में अपराधी घुसकर ग्राहक को गोली मार देते है तो क्या दुकानदार पर केस दर्ज होगा. (नीचे भी पढ़ें)
डीडी बार लाइसेंस के आधार पर संचालित होती है. इसमें मारपीट की घटना घटी तो मालिकों को कैसे आरोपी बनाया गया, यह सवाल उठ रहा है और यह पुलिस की साजिश का परदाफाश करता है. वैसे यह भी सवाल उठेगा कि जब पुलिस की जीप से खींचकर मारा गया तो फिर आरोपी पुलिस के लोग कैसे नहीं हुए. फिलहाल, पुलिस पर ही अब सारा मामला उठ रहा है और बार के संचालकों पर केस करने को एक गहरी साजिश बताया जा रहा है.







