
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी धनबाद जिला के संगठन प्रभारी एवं नागरिक सुविधा मंच झारखंड के संगठन प्रभारी अभय सिंह ने कहा कि आगामी नवरात्र की तैयारी पूरे जमशेदपुर में दुर्गा पूजा समिति एवं मन्दिर समितियों के द्वार चल रही है. पूरी धार्मिक आस्था के साथ यहां दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन होता है. कोरोना वायरस के कारण सरकार से जो गाइडलाइन प्राप्त हुई है, उसका सभी पूजा समिति स्वागत एवं अभिनंदन करती है. कोरोना वायरस जैसी महामारी केवल सरकार नहीं बल्कि यह पूरे आम जनमानस की समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. परंतु आज कोरोना वैश्विक महामारी के कारण सरकार के द्वारा कुछ गाइडलाइन पर नागरिक सुविधा मंच को आपत्ति है. उन्होंने कहा कि मंच के प्रत्येक कार्यकर्ता किसी न किसी पूजा महोत्सव से मंदिर समिति से जुड़े हुए हैं. कोरोना के कारण पूरी पूजा के नियम में परिवर्तन किया गया है इसके बावजूद हम सरकार को सहयोग करने के लिए तैयार हैं, पर सरकार के द्वारा यह गाइडलाइन बनाना कि भोग का वितरण नहीं होगा, यह बिल्कुल ही बहुसंख्यक समाज हिंदू धर्म की भावनाओं के साथ अब यह सरकार जानबूझकर की खिलवाड़ कर रही है. (नीचे भी पढ़ें)
अभय सिंह ने कहा कि विगत वर्ष में लोगों ने सरकार की इस अपील को सिरे से नकारा था. लोगों ने भोग भी बनाया और वितरण भी किया. हम सरकार से अपील करते हैं कि भोग वितरण और बनाने में रोक लगाना न्याय संगत नहीं है. प्रैक्टिकल रूप से इस वर्ष यह आदेश लाजमी नहीं है. हम सरकार को मदद करना चाहते हैं इसका यह अर्थ नहीं है कि सरकार अपने कठोर निर्णय को हम पूजा समितियों पर थोप दे. यह तानाशाही का प्रतीक है, जिसे हम नहीं मानेंगे. सरकार को पूजा समिति मदद करना चाहती है पर सरकार मदद लेने को तैयार नहीं है. अभय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री आपदा प्रबंधन समिति के मंत्री भी हैं, बल्कि वे आज आपदा के बजाय झारखंड के लिए आफत मंत्री बन गए? रेस्तरां, मॉल, बार, दुकान, मूवी, स्कूल, कॉलेज, हाट, सरकारी शराब दुकान खुल गई पर पूजा में भोग न बने यह कहां का न्याय है? सरकार ने गाइडलाइन दिया थीम पंडाल नहीं बनेगा हम अमल करते हैं. सरकार ने कहा कि 5 फीट की मूर्ति ही रहेगी. इस निर्णय को भी हम तहे दिल से स्वीकार करते हैं. सरकार का कहना विसर्जन जुलूस पर रोक रहेगी. हम इस निर्णय का भी स्वागत करते हैं. सरकार का कहना कि किसी पूजा में दुकान, मेला, ठेला नहीं लगेगा. इस निर्णय का भी हम स्वागत करते हैं. सरकार का कहना है कि किसी प्रकार का मिनी बाजार नहीं लगेगा. हम इस निर्णय का भी कोरोना न फैले इस पर भी हम स्वागत करते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
अभय सिंह ने कहा है कि सरकार की यह दलील कि भोग न बने और भक्तों के बीच वितरण न हो, इसे सुधारा जाये. जब रेस्टोरेंट्स से बनकर भोजन दूसरे घरों में जा सकता है, तो पूजा समिति अपने यहां भोग बनाकर अपने भक्तों के घर-घर में क्यों नहीं पहुंचा सकती है. इसका कारण बतायें? उन्होंने कहा है कि यह सरकार हिंदू विरोधी न बने. जब से सरकार बनी है हिंदू विरोध करने में जुटी है. पिछले दिनों स्वयं आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा था कि तीसरी लहर की संभावना के कारण जुबिली पार्क गेट नहीं खोला जा रहा है. अब तो गेट खुल गया. इसका सीधा अर्थ यह है कि अभी तीसरी लहर आने की संभावना बिल्कुल खत्म हो चुकी है. हमारा झारखंड सवा तीन करोड़ की जनसंख्या का क्षेत्र है, जबकि बगल में बंगाल जिसकी आबादी 11 करोड़ है, बंगाल में भोग बनाने में जब बांटने में कोई रोक नहीं है तो आखिर यहा रोक क्यों? महाराष्ट्र में प्रसाद बांटने में कोई रोक नहीं, जिसकी आबादी 14 करोड़ है, तो झारखंड में यह सरकार क्यों जबरन भोग बनाने पर रोक लगा रही है? सरकार को इन राज्यों से गाइडलाइन मंगाकर इस पर अध्ययन कर निर्णय करना चाहिए. इस कानून के विरोध में आगामी रविवार 3 अक्तूबर को दुर्गा पूजा समितियों से संपर्क स्थापित कर बड़ा निर्णय कर इस हिंदू विरोधी निर्णय लेकर आर-पार की लड़ाई हम लड़ने के लिए मजबूर होंगे.












