
जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी में भाजपा के दिग्गज प्रत्याशी और मुख्यमंत्री रघुवर दास को चुनाव हरा देने वाले सरयू राय को बुधवार को विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि, इस विरोध की बात से खुद सरयू राय ने इनकार किया है और कहा है कि चुनाव हारने के बाद रघुवर दास अपने समर्थकों के माध्यम से इस तरह की घटिया राजनीति करा रहे है, जिसको किसी भी हाल में बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
घटना जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के बाबूडीह बस्ती का है. बाबूडीह बस्ती के लाल भट्ठा एरिया में सूखा राशन कार्ड बांटने के लिए विधायक सरयू राय के समर्थकों ने आधार कार्ड पहले लिया था. इस बीच वहां मनोज सिंह उज्जैन के नेतृत्व वाली संस्था प्रयास के बैनर तले बुधवार की सुबह विधायक सरयू राय अपने समर्थकों के साथ खाना बांटने पहुंचे थे. चूंकि, खाना कम था और खाने वाले ज्यादा थे, इस कारण कई लोगों को राशन नहीं मिल पाया था.
इस बीच आनन-फानन में लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया. विधायक की गाड़ी को लोगों ने रोक दिया और वापस जाओ के नारे लगाये. इस दौरान जमकर हंगामा भी किया गया. इस दौरान समर्थकों की गाड़ियों को रोककर गाली-गलौज भी किया गया. इन लोगों का आरोप है कि श्री राय लॉकडाउन के बीच में उनके क्षेत्र में नहीं थे. हालांकि, खुद सरयू राय ने कहा कि खाना बांटने का काम आसानी से चल रहा है. कई जगहों पर उनके घर से ही खाना बनकर बांटा जा रहा है.
इस तरह का कोई विरोध कहीं नहीं हुआ है. श्री राय ने कहा है कि उनके वापस लौटने के बाद लोगों ने हंगामा किया, जो राजनीति का हिस्सा है और इसके पीछे सीधे तौर पर रघुवर दास और उनके लोगों का हाथ है. यहां आपको बता दें कि सरयू राय रांची में लॉकडाउन में फंसे थे, जिनको बाद में सरकार से इजाजत मिली, तब वे वापस जमशेदपुर आ पाये थे, जिसके बाद से वे क्षेत्र में लगातार खाना बांटने का काम कर रहे है.
वैसे अभी जमशेदपुर पूर्वी में राजनीति गरम हो चुकी है और अभी और सियासत तेज हो सकती है. वैसे श्री राय की पार्टी भाजमो के नेताओं ने कहा है कि किसी तरह का विरोध नहीं हुआ है. खाना बांटने को लेकर कोई विरोध नहीं था, लोग पानी की समस्या को लेकर जरूर हंगामा कर रहे थे. खाने का कोई विरोध नहीं था.














